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*कांग्रेस के लोकतंत्र पर कुठाराघात के 51 वर्ष : आपातकाल लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय: ओम प्रकाश सिन्हा*

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अम्बिकापुर.भारतीय जनता पार्टी जिला सरगुजा द्वारा संकल्प भवन भाजपा जिला कार्यालय, अंबिकापुर में आपातकाल की 51वीं बरसी के अवसर पर प्रेसवार्ता आयोजित की गई। प्रेसवार्ता को भाजपा संगठन जिला प्रभारी बलरामपुर एवं पूर्व जिलाध्यक्ष जशपुर ओम प्रकाश सिन्हा ने संबोधित किया। इस अवसर पर लुण्ड्रा विधायक प्रबोध मिंज, महापौर श्रीमती मंजूषा भगत, जिला महामंत्री विनोद हर्ष, जिला संवाद प्रमुख रूपेश दुबे एवं जशपुर नगरपालिका अध्यक्ष अरविंद भगत उपस्थित रहे।

प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए ओम प्रकाश सिन्हा ने कहा कि 25 जून 1975 की आधी रात को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने सत्ता बचाने की हताशा में देश पर आपातकाल थोप दिया था। यह निर्णय किसी युद्ध या राष्ट्रीय संकट के कारण नहीं, बल्कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा उनके चुनाव को निरस्त किए जाने के बाद लिया गया था। आपातकाल के दौरान लोकतंत्र को कुचलते हुए प्रेस की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगाए गए, न्यायपालिका को कमजोर किया गया तथा लाखों लोकतंत्र सेनानियों, विपक्षी नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं को जेलों में बंद कर दिया गया। उन्होंने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने इस अवधि को भारतीय इतिहास की सबसे काली अवधि बताया था।

श्री सिन्हा ने कहा कि कांग्रेस ने उस समय संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं का दमन किया था तथा आज भी उसकी मानसिकता में कोई परिवर्तन नहीं आया है। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को दबाने, विरोध की आवाज़ों को कुचलने और लोकतांत्रिक मूल्यों की उपेक्षा करने की प्रवृत्ति कांग्रेस के चरित्र का हिस्सा रही है। उन्होंने कहा कि आपातकाल का स्मरण इसलिए आवश्यक है ताकि देश की नई पीढ़ी लोकतंत्र पर हुए उस कुठाराघात को समझ सके और भविष्य में ऐसी तानाशाही प्रवृत्तियों के प्रति सजग रह सके।

इस अवसर पर लुण्ड्रा विधायक प्रबोध मिंज ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र करोड़ों देशवासियों के संघर्ष, बलिदान और संविधान निर्माताओं की दूरदर्शिता का परिणाम है। कांग्रेस ने आपातकाल लगाकर नागरिकों के मौलिक अधिकारों का हनन किया और लोकतंत्र की आत्मा को आघात पहुंचाया। उन्होंने कहा कि भाजपा लोकतंत्र, संविधान और नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध रही है तथा आपातकाल के दौरान संघर्ष करने वाले लोकतंत्र सेनानियों का राष्ट्र सदैव ऋणी रहेगा।

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