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*ब्रेकिंग: जशपुर में जल माफियाओं में हड़कंप! बीमडा में अवैध खनन करती 2 बोरवेल मशीनें जब्त। पाताल चीर रही मशीनों पर SDM बगीचा का डंडा!*

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जशपुर/बगीचा : जिले के बगीचा तहसील अंतर्गत बीमडा गांव में अवैध बोरवेल खनन के मामले में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए दो बोरवेल मशीन ट्रकों को जब्त कर लिया है। यह कार्रवाई ग्रामवासियों की शिकायत के बाद की गई, जिसमें बिना अनुमति के बोर खनन किए जाने की जानकारी दी गई थी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीमडा निवासी अजय लकड़ा (पिता सिमोन लकड़ा) अपने निजी जमीन पर बिना वैध अनुमति के बोरवेल खनन करवा रहा था। मामले की सूचना मिलते ही बगीचा एसडीएम ने तत्काल संज्ञान लेते हुए जांच के निर्देश दिए। निर्देश के तहत पटवारी को मौके पर भेजा गया, जहां निरीक्षण के दौरान पाया गया कि वाहन क्रमांक CG 13 AH 1381 और CG 13 AH 1667 के माध्यम से बोरवेल खनन किया जा रहा था।

जांच में बोर खनन के लिए किसी भी प्रकार की वैधानिक अनुमति नहीं पाई गई। इसके बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों बोरवेल मशीन ट्रकों को जब्त कर बगीचा थाना में सुरक्षित रखा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति के भूजल दोहन पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

*भूजल स्तर गिरने से बढ़ी चिंता*

स्थानीय स्तर पर लगातार गिरते भूजल स्तर को लेकर प्रशासन और आमजन दोनों चिंतित हैं। जिले में बाहरी बोरवेल संचालकों द्वारा अवैध रूप से बोर खनन किए जाने की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे जलस्रोतों पर दबाव बढ़ता जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार अनियंत्रित बोरवेल खनन भूजल स्तर में तेजी से गिरावट का प्रमुख कारण बन रहा है। ऐसे में इस प्रकार की कार्रवाई को जल संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

*नल-जल योजना पर जोर*

सरकार द्वारा बोरवेल पर निर्भरता कम करने और हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से “नल जल योजना” संचालित की जा रही है। इस योजना के तहत सामूहिक जल आपूर्ति प्रणाली विकसित की जा रही है, ताकि अनावश्यक और अवैध बोर खनन को रोका जा सके।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बिना अनुमति बोर खनन न कराएं और जल संरक्षण के प्रयासों में सहयोग करें।

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