Site icon Groundzeronews

*आरोप:- इलाज के नाम पर कराया जा रहा था धर्मांतरण, पहुंच गए हिन्दू संगठन के कार्यकर्ता, फिर पुलिस से हुई ऐसी शिकायत, जब पहुंची पुलिस तो दिखा यह नजारा….पढ़िये पूरी खबर, जिले में लगातार आ रहे ऐसे मामले… बड़ा सवाल यह कि अब कौन निकालेगा धर्मांतरण के इस जल से …?*

IMG 20211203 135228

धर्मांतरण

जशपुर(राकेश गुप्ता की खबर):- खबर जशपुर जिले के आस्ता थाना क्षेत्र से आ रही है जहां एक घर में धर्मांतरण की सूचना मिलते ही हिन्दू संगठन के युवा पूरे दल बल के साथ धर्मांतरण हो रहे घर मे जा धमके और फिर वहां बवाल मचना सुरु हो गया।

पूरा मामला यह है जशपुर जिले के आस्ता थाना क्षेत्र के आस्ता में बीते रात करीब 7 बजे बलरामपुर जिले के आये कुछ ईस्टर पास्टर के द्वारा एक हिन्दू परिवार के घर मे घुस कर पीड़ित के इलाज के बहाने उनका धर्मांतरण कराने की कोशिश की जा रही थी।जिसकी सूचना जैसे ही आस्ता के हिन्दू संगठन के कुछ युवाओं को लगी कि सभी युवा उग्र हो गये और जिस घर मे इलाज के नाम पर धर्मांतरण के लिए कीर्तन चलाया जा रहा था उस घर मे जा धमके और फिर हिन्दू युवाओं नये व्यक्ति से उसकी परिचय पूछने लगे तो पता चला कि वो बलरामपुर के देवसरा गांव का रहने वाला ईसाई प्रचारक है।जिसके द्वारा पूरे क्षेत्र में घूम धूम कर धर्मांतरण कराया जाता है।वहीं आरोपी ने और घर वालों ने साफ साफ धर्मांतरण कराने की बात की कटाक्ष करते देखे जा रहें परतुं कुछ ही समय पश्चात जब आस्ता पुलिस को इसकी सूचना मिली और आस्ता पुलिस भी घटना स्थल पर पहुंची तो देखा कि वहां बलरामपुर से आये व्यक्ति के पास ईसाई धर्म का बाइबल और कुछ तस्वीर भी था।जिसके बाद क्या था वहां युवाओं ने हंगामा करना सुरु कर दिया और आरोपी को पकड़ कर थाने ले जा कर युवाओं ने fir दर्ज करा दिया।जिसमें
प्रार्थी संतोष साही पिता वरूण साही उम्र 42 वर्ष ग्राम आस्ता का अपने साथी पंकज जयसवाल, राकेश सिंह, बसंत साही, रंजीत सिंह जितेन्द्र मंडल, संदीप तिवारी एवं अन्य के साथ थाना आस्ता आकर एक लिखित आवेदन देकर रिपोर्ट दर्ज कराया। जिसमे उन्होंने बताया कि दिनांक 02.12.2021 के करीबन शाम 7 बजे मैं अपने खेत से घर वापस आ रहा था, कि रनकू राम के घर में भजन कीर्तन गाना बाजा बज रहा था जिससे मैं रनकू के घर जाकर देखा तो श्रीराम लुहार (इसाई पास्टर) निवासी देवसरा जिला बलरामपुर का रहने वाला रनकू राम हिदूं परिवार के घर आकर इसाई धर्म का प्रचार कर रहा था। तब मैं अपने शिव समिती आस्ता के सदस्यों को सूचित किया जो मौके पर पहुंचकर देखे एवं सुने एवं वीडियो भी बनाये कि इसाई पास्टर कह रहा है की इसाई धर्म परिवर्तन कर लो जिससे तुम्हें कोई दिक्कत नहीं होगा तुम्हारे धर्म के देवी-देवता कुछ नहीं कर पाते वो सब बेकार है प्रभु येशु कल्याण का रास्ता है।हिन्दु धर्म बेकार है, कह रहा था। तब हम लोग रनकू को पूछे कि यह पास्टर कब से पूजा पाठ कर रहा है। तब रनकू ने बताया कि लगभग 7-8 महिनों से हमारे घर आकर पूजा पाठ बाईबिल का उच्चारण करूवा रहा है। इस तरह से उस घर में धर्म परिवर्तन का काम कर रहा था जो पूर्णत: गलत तरीका है।जिससे मुझे एवं मेरे साथ एकत्रित आए शिव समिती आस्ता के साथियों पंकज जयसवाल, रंणजीत सिंह, राकेश सिंह, बसंत शाही, जितेंन्द्र मंडल, जितेन्द्र सिंह, संदीप तिवारी, विजय तिवारी,गणेश दिवाकर एवं अन्य साथियों को हिन्दु धर्म के प्रति गलत सुनने जानने से आहत एवं ठेस पहुंचा है और कि इस कृत्य से हिन्दु समाज आहत हुआ है। एवं धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाया गया है।

आपको यह भी बता दें कि यह धर्मांतरण का खेल जशपुर ही नही अपितु पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश में आदिवासियों के बीच लागातार बढ़ते हुए दिखाई दे रहा है।प्रदेश के कुछ जगहों पर पूर्व में भी धर्मांतरण को लेकर काफी विवाद देखने को मिला है।वहीं कुछ नेता भी धर्मांतरण और घरवापसी के मुद्दे को लेकर काफी सुर्खियों में रहा करते हैं।परन्तु बड़ी बात यह है कि प्रदेश का माहौल लागातार धर्मांतरण को लेकर बिगड़ता दिखाई पड़ रहा है।परन्तु सरकार की ओर से अब तक कोई पहल इस ओर दिखाई नही पड़ता।बड़ी बात यह भी है कि लगातार साम्प्रदायिक सौहाद्र जिले का बिगड़ता हुआ दिखाई पड़ रहा है।बड़ा सवाल यह भी है की आखिर हिन्दू आदिवासियों का लागातार धर्मांतरण इतने तेज गति से क्यों हो रहा है? और सभी को विचार करने की आवश्यकता है कि अब इस धर्मांतरण के जड़ से कौन क्षेत्र को बचा सकता है?

Exit mobile version