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*Big Breaking:-जशपुर में ‘ब्लैक संडे’:-मौत बनकर खड़ा था ट्रेलर, एक झटके में उजड़ गई 5 दुनिया,​NH-43 पर रफ़्तार का खूनी खेल:-मेले से हंसी-खुशी लौट रहे 5 दोस्तों की कार लोहे के कबाड़ में तब्दील,सभी की मौके पर मौत!*

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​(जशपुर, 07 दिसंबर 2025) :-जशपुर जिले में रविवार का सूरज एक मनहूस खबर लेकर आया। कटनी-गुमला नेशनल हाईवे (NH-43) पर बीती रात रफ़्तार और लापरवाही के कॉकटेल ने पांच हंसते-खेलते परिवारों को जीवन भर का गम दे दिया। दुलदुला थाना क्षेत्र के पतराटोली में हुए इस भीषण सड़क हादसे में कार के परखच्चे ऐसे उड़े कि देखने वालों की रूह कांप गई।
​मौत का मंजर: कार नहीं, कफन बन गई गाड़ी
हादसा इतना भयावह था कि हुंडई i20 कार (CG 10 AD 7771) एक खिलौने की तरह पिचक गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कार की रफ़्तार बेहद तेज थी और वह सड़क किनारे खड़े ट्रेलर (NL 01 AB 1953) में पीछे से जा घुसी। टक्कर की आवाज़ इतनी तेज थी कि आसपास के लोग सहम गए। जब तक मदद पहुंचती, कार में सवार पांचों युवकों की सांसें थम चुकी थीं। जिस गाड़ी में वे कुछ पल पहले तक ज़िंदगी का जश्न मना रहे थे, वही गाड़ी उनका लोहे का कफन बन गई।
​मेले की खुशियां मातम में बदलीं
जानकारी के मुताबिक, सभी मृतक दुलदुला क्षेत्र के खटंगा गांव के निवासी थे और जिगरी दोस्त थे। वे आस्ता थाना क्षेत्र में लगे एक मेले का आनंद लेकर वापस घर लौट रहे थे। लेकिन किसे पता था कि घर की जगह उनका अगला ठिकाना पोस्टमार्टम हाउस होगा।
​बुझ गए 5 घरों के चिराग (मृतकों की सूची):
इस हादसे ने पांच माताओं की गोद सूनी कर दी है। मृतकों की पहचान इस प्रकार हुई है:
​राधेश्याम यादव (26) – पिता रामप्रसाद यादव
​उदय कुमार चौहान (18) – पिता कृष्ण चौहान
​सागर तिर्की (22) – पिता रफेल तिर्की
​अंकित तिग्गा (17) – पिता दिलीप तिग्गा (नाबालिग किशोर)
​दीपक प्रधान (19) – पिता अमर प्रधान
​हृदयविदारक: दीपक था परिवार का इकलौता सहारा
इस हादसे की सबसे दर्दनाक तस्वीर दीपक प्रधान के घर की है। 19 साल का दीपक अपने परिवार का इकलौता सहारा था। उसकी मौत की खबर से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। राधेश्याम यादव के भाई महेश्वर ने रुंधे गले से बताया कि देर रात तक सब साथ थे, लेकिन नियति ने सुबह का सूरज देखने का मौका नहीं दिया।
​पुलिस की कार्यवाही
दुलदुला पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मलबे में तब्दील कार से शवों को बाहर निकाला और उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेजा। नेशनल हाईवे 43 पर खड़े भारी वाहनों और तेज रफ़्तार पर एक बार फिर सवालिया निशान लग गया है।

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