जशपुर:-02 फरवरी 2026
जशपुर जिले के बहुचर्चित डबल मर्डर केस में न्यायालय ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। नए कानून (भारतीय न्याय संहिता) के तहत त्वरित सुनवाई करते हुए, विशेष न्यायालय ने आरोपी खीरसागर यादव को अपनी पत्नी और सास की नृशंस हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
विवाद, नशा और दोहरी हत्या की खौफनाक वारदात
घटना नवंबर 2024 की है, जब बागबहार थाना क्षेत्र के ग्राम खजरीढाप (कोतबा) में आरोपी खीरसागर यादव ने शराब के नशे में इस दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया था।
विवाद की जड़: आरोपी खीरसागर करीब एक साल पहले केरल से अपनी पत्नी रोशनी बाई और दो बच्चों के साथ वापस लौटा था। जातिगत भिन्नता के कारण वह अपने पिता से अलग घर में रह रहा था।
खूनी संघर्ष: 18 नवंबर 2024 की शाम, आरोपी बाजार से मछली और हड़िया (स्थानीय शराब) लेकर आया था। भोजन बनाने के दौरान पति-पत्नी के बीच विवाद इस कदर बढ़ा कि खीरसागर ने अपनी पत्नी रोशनी बाई पर डंडे से प्राणघातक हमला कर दिया।
बीच-बचाव में गई सास की जान: जब आरोपी की सास, जगरमनी बाई अपनी बेटी को बचाने दौड़ी, तो सनकी आरोपी ने उन पर भी डंडे से ताबड़तोड़ वार किए। सिर पर लगी गंभीर चोटों के कारण दोनों महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और न्यायिक प्रक्रिया
घटना के बाद आरोपी फरार हो गया था, लेकिन जशपुर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए महज 24 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
कानूनी धाराएं: आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) (दो बार) और SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था।
न्यायालय का कड़ा रुख
दिनांक 02 फरवरी 2026 को विशेष न्यायाधीश (SC/ST अत्याचार निवारण), जशपुर ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी खीरसागर यादव (28 वर्ष) को दोषी पाया।
दण्ड का विवरण:
सजा: आजीवन कारावास (दोहरी हत्या के लिए)।
अर्थदण्ड: कुल ₹1,000 का जुर्माना (अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास)।
इस प्रकरण में अभियोजन की ओर से लोक अभियोजक श्री अजीत रजक ने पैरवी की, जबकि मामले की सूक्ष्म विवेचना SDOP पत्थलगांव डॉ. धुर्वेश कुमार जायसवाल द्वारा की गई थी। पुलिस की प्रभावी विवेचना और वैज्ञानिक साक्ष्यों के कारण आरोपी को उसके किए की सजा मिल सकी।
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