कोतबा/जशपुरनगर:- प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) कोल्हेनझरिया में कार्यरत महिला स्वास्थ्य कर्मियों (नर्सों) ने अस्पताल के ही एक लैब टेक्नीशियन पर अश्लील टिप्पणी व अभद्र व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगाए हैं। असुरक्षित माहौल और डर के कारण नर्सों ने खंड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) फरसाबहार को लिखित शिकायत सौंपकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि आरोपी के खिलाफ तत्काल कदम नहीं उठाए गए, तो वे नाइट और आपातकालीन ड्यूटी (इमरजेंसी) का बहिष्कार करेंगी।
नर्सों द्वारा बीएमओ को दी गई शिकायत के अनुसार, ओपीडी का समय समाप्त होने के बाद अस्पताल के लैब टेक्नीशियन संजय कुर्रे को ‘स्टाफ नर्स ड्यूटी रूम’ और ‘लैब’ में आपत्तिजनक स्थिति में देखा गया था। जब महिला कर्मचारियों ने इस अनैतिक कार्य का विरोध किया और शिकायत की, तो आरोपी टेक्नीशियन आगबबूला हो गया। आरोप है कि शुक्रवार दोपहर 2 से 5 बजे के बीच संजय कुर्रे ने उग्र रूप धारण करते हुए अपनी छाती पीट-पीटकर सभी को ‘देख लेने’ की धमकी दी। इसी दौरान उसने एक नर्स पर सरेआम अश्लील टिप्पणी कर उसे अपमानित भी किया।
महिला कर्मचारियों ने मीडिया को दिए बयान में पीड़ित नर्सों ने अस्पताल के खौफनाक माहौल की आपबीती सुनाई। एक कर्मचारी ने बताया कि नाइट ड्यूटी के दौरान उन्हें अपनी सुरक्षा का डर सताता है क्योंकि एक रात आरोपी संजय कुर्रे बिना दरवाजा खटखटाए अचानक उनके कमरे में घुस आया था।हाल ही की एक अन्य घटना का जिक्र करते हुए एक नर्स ने बताया कि जब वह अपनी सहकर्मी के साथ जा रही थीं, तब आरोपी ने आक्रामक तरीके से अपनी गाड़ी उनके सामने अड़ा दी। उसने उंगली दिखाते हुए गाली-गलौज की और बेहद आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया। इसके अलावा 20 फरवरी 2026 को लंच ब्रेक के दौरान भी आरोपी ने अस्पताल के बाहर खड़ी एक नर्स पर भड़कते हुए अनुचित सवाल उठाए और उसके चरित्र पर लांछन लगाने की कोशिश की।
*चरित्र पर उठ रहे सवाल, अनहोनी का सता रहा डर..!*
नर्सों का कहना है कि आरोपी की इन हरकतों के कारण अस्पताल का माहौल बेहद अशोभनीय हो गया है। उनका मानना है कि परिसर में हो रहे इन अनैतिक कार्यों की वजह से वहां काम करने वाली अन्य निर्दोष महिला कर्मचारियों के चरित्र पर भी उंगलियां उठ सकती हैं। नर्सों ने आशंका जताई है कि यदि ऐसे ही हालात रहे, तो नाइट ड्यूटी के दौरान उनके साथ कोई भी बड़ी और अप्रिय घटना घट सकती है।
पीड़ित महिलाओं ने बीएमओ से लिखित आवेदन देकर निवेदन किया है कि सभी की निजता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस मामले में तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाए। इस शिकायत ने सरकारी अस्पताल परिसर में चल रही अनुशासनहीनता की पोल खोल दी है। अब क्षेत्र के लोगों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि स्वास्थ्य विभाग का उच्च प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन अपनी महिला कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए इस गंभीर मामले में क्या कदम उठाता है।
*मामले को लेकर बीएमओ के के डाहीरे से चर्चा किया गया तो उन्होंने बताया कि शिकायत प्राप्त हुआ हैं. इसकी जांच की जायेगी.महिला कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार की घटना निंदनीय हैं.सुनिश्चित उचित कार्यवाही की जायेगी।*

