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*कलेक्टर ने पटवारियों को दी चेतावनी काम नहीं तो वेतन नहीं, सीमांकन, बंटाकन नक्सा दुरूस्ती के कार्यों को रूचि लेकर करने के निर्देश, किसानों की उपस्थिति में ही गिरदावरी कार्य करना होगा गड़बड़ी करने वाले पटवारी पर गिरेगी गाज, कलेक्टर ने सन्ना तहसील के सभाकक्ष में पटवारियों की ली समीक्षा बैठक, तहसील के बाबू को नोटिस जारी करने के निर्देश…*

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जशपुर 4 जून 25/ कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने बुधवार को बगीचा विकास खंड के तहसील सन्ना में क्षेत्र के पटवारी और राजस्व निरीक्षकों की समीक्षा बैठक लेकर सीमांकन,बटाकन, डायवर्सन, खाता विभाजन , नक्सा दुरूस्ती करण के कार्य को गंभीरता से करने के निर्देश दिए हैं।

इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू ,एसडीएम बगीचा रितुराज बिसेन तहसीलदार और पटवारी उपस्थित थे।

कलेक्टर ने सन्ना तहसील कार्यालय का अवलोकन करते हुए सभाकक्ष में पटवारियों की समीक्षा बैठक ली।

कलेक्टर ने राजस्व प्रकरणों का आनलाइन दर्ज नहीं होने पर नाराजगी जाहिर की और बाबू को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने देवदाड़ ,सरधापाठ के पटवारी हेमराज यादव के प्रति नाराजगी जाहिर करते हुए किसानों का किसान किताब की प्रविष्टियां करवाने के निर्देश दिए हैं।

कलेक्टर ने समीक्षा के दौरान पटवारियों को कड़ी हिदायत और चेतावनी देते हुए कहा कि अपने काम में सुधार लाए राजस्व विभाग सीधे आम जनता से जुड़ा हुआ विभाग है। आम नागरिकों को उनके छोटे मोटे काम के लिए अनावश्यक नहीं भटकाए सीमांकन के लंबित प्रकरणों के लिए प्रतिवेदन प्रस्तुत करे।

लोगों की समस्याओं का तहसीलदार और पटवारी को इसका गंभीरता से निराकरण करने के लिए कहा है। उन्होंने स्पष्ट पटवारियों को चेतावनी दी है कि जो काम नहीं करेगा उसका वेतन काटा जाएगा लोगों को अपने छोटे मोटे काम के लिए जिला मुख्यालय नहीं आना पड़े इसका ध्यान रखें।
कलेक्टर ने नक्सा बटाकन, किसानों का आधार प्रविष्टियां, किसान किताब, प्रविष्टियां कार्यों को गंभीरता से करने के लिए कहा है।
कलेक्टर ने पटवारियों को भी चेतावनी देते हुए कार्य में सुधार लाने की हिदायत दी है।

कलेक्टर ने पटवारी को लंबित नक्सा बटाकन की धीमी प्रगति पर नाराजगी जाहिर की है।

कलेक्टर ने पटवारियों को अपने साथ फील्ड बुक रखने के लिए कहा है। और प्रविष्टियां करने के निर्देश दिए हैं
कलेक्टर ने सभी पटवारियों को आगामी माह में गिरदावरी के कार्यों को भी गंभीरता से और रूचि लेकर करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि खानापूर्ति वाला गिरदावरी नहीं चलेगी मौके पर जाकर किसानों की उपस्थिति में ही गिरदावरी की जाएगी और किसान के खेत में अगर कुआं है तालाब है। पेड़ है सभी को गिरदावरी में दर्ज करना है ताकि किसानों को मछली पालन और अन्य योजनाओं से लाभान्वित किया जा सके।

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