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*पाकिस्तान की बटालियन को धूल चटाने वाले बलिदानी रणबांकुरों की वीरगाथा बताने सीआरपीएफ के जवानों ने तिरंगे के साथ लगाई दौड़,जानिये 1965 में क्या हुआ था गुजरात के कच्छ के रण में……..*

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जशपुरनगर। विलूर डे रण के तहत शुक्रवार को केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवानों ने शुक्रवार को शहर के पुलिस लाइन से महाराजा चौक तक शौर्य दौड़ का आयोजन किया। इस दौड़ में ​सीआरपीएफ के जवानों ने सहायक कमांडेंट प्रवीण मोरे के नेतृत्व में उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर अधिकारियों और जवानों को संबोधित करते हुए सहायक कमांडेंट प्रवीण मोरे ने कहा कि विलूर डे रण,केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवानों की वीरता और बलिदान की गौरव गाथा है,जो आज भी बल के जवानों और अधिकारियों को प्रेरित करता है। उन्होनें बताया कि 9 अप्रैल 1965 को गुजरात के कच्छ के रण, सरदार पोस्ट में पाकिस्तानी सेना के खिलाफ सीआरपीएफ की एक छोटी टुकड़ी सीमा की सुरक्षा के लिए तैनात किया गया था। इस टुकड़ी को कमजोर समझ कर,पाकिस्तान की फौज ने पोस्ट पर कब्जा करने के इरादे से हमला बोल दिया। सीआरपीएफ के जवानों ने पोस्ट छोड़ने की बजाय,दुश्मनों को कड़ा जवाब देते हुए 34 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया। भारतीय जवानों को भारी पड़ता हुआ देख कर,पाकिस्तानी फौज पीठ दिखा कर भाग गई। पाकिस्तान की फौज को करारा सबक सीखाने में सीआरपीएफ के 9 जवान वीरगति को प्राप्त हुए थे। इन्हीं बलिदानी सैनिकों की स्मृति में हर साल 9 अप्रैल को शौर्य दिवस मनाया जाता है। इसमें इस दिन वीरता पदक धारकों को सम्मानित जाता है। शनिवार को आंतरिक सुरक्षा पदक एवं डीजी डिक्स प्राप्त करने वाले कार्मिकों एवं अधिकारियों को पदक अलंकरण समारोह में सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही खेलकूद और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी होगा। इस अवसर पर सीआरपीएफ के निरीक्षक पिंटू शर्मा,उप निरीक्षक नरेंद्र सिंह अन्य अधिकारी और जवान उपस्थित थे।

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