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*साहीडांड बाजार पर मंडराता खतरा: वन विभाग की लापरवाही से सेमर पेड़ पर 8-10 मधुमक्खी के छत्ते, शनिवार को तूफान में उड़े भंवरे, बाजार में मची भगदड़*

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बगीचा/जशपुरनगर/ साहीडांड के साप्ताहिक बाजार में शनिवार को मधुमक्खियों के हमले से अफरातफरी मच गई। इसका सीधा जिम्मेदार वन विभाग की लापरवाही है। बाजारडांड से सटे सेमर पेड़ पर पिछले कई महीनों से 8-10 बड़े मधुमक्खी के छत्ते लटके हुए हैं, जिन्हें हटाने की जहमत वन विभाग ने नहीं उठाई।
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वन विभाग की अनदेखी का सबूत* – तस्वीर में साफ दिख रहा है कि बाजार की दुकानों के ठीक ऊपर सेमर के पेड़ पर दर्जनों छत्ते लटके हैं। साप्ताहिक बाजार में हजारों लोगों की भीड़ होती है, इसके बावजूद वन विभाग ने खतरे को नजरअंदाज किया।

*शनिवार 3 बजे टूटा कहर:*
दोपहर 3 बजे अचानक आए तूफान के झटके से छत्तों से हजारों मधुमक्खियां उड़ गईं और बाजार में मौजूद लोगों पर हमला बोल दिया। जान बचाने के लिए लोग ठेलों के नीचे और दुकानों में दुबक गए।

*दहशत में लोग*

– हमले के बाद एक ग्रामीण गमछे से पूरा मुंह ढंककर बाइक के पास खड़ा है। बाजार में सन्नाटा पसरा है। वन विभाग की लापरवाही से व्यापारियों का नुकसान हुआ और लोगों की जान जोखिम में पड़ी।

*वन विभाग पर सवाल:*
1. साप्ताहिक बाजार जैसी भीड़भाड़ वाली जगह पर 8-10 छत्ते कब से लटके थे?
2. वन विभाग के फील्ड स्टाफ को ये छत्ते क्यों नहीं दिखे?
3. खतरा दिखने के बावजूद छत्ते हटाने की कार्रवाई क्यों नहीं की गई?
4. क्या वन विभाग किसी बड़ी जनहानि का इंतजार कर रहा है?

*व्यापारियों की मांग:*

बाजार के दुकानदारों ने वन विभाग के डीएफओ जशपुर से तत्काल मांग की है कि 24 घंटे के अंदर सेमर पेड़ से सभी छत्तों को सुरक्षित तरीके से हटाया जाए। साथ ही लापरवाह फील्ड अमले पर कार्रवाई हो।

_जनता की सुरक्षा वन विभाग की पहली जिम्मेदारी है। बाजार के ऊपर मौत लटक रही है और विभाग सो रहा है।_

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