जशपुरनगर:-जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड के पाठ क्षेत्र में अपनी दबंग कार्यशैली और मिलनसार व्यक्तित्व से पहचान बनाने वाले कद्दावर नेता व समाजसेवी टंकेश्वर (सल्लू) राजवाड़े अब हमारे बीच नहीं रहे। रायपुर में उपचार के दौरान 08 अप्रैल 2026 को ब्रेन हेमरेज की वजह से उनका आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन की खबर से समूचे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
स्वर्गीय सल्लू राजवाड़े ने अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत छात्र राजनीति से की थी। भारतीय जनता पार्टी के प्रति समर्पित रहते हुए उन्होंने संगठन में कई अहम पदों पर अपनी सेवाएं दीं। खुड़िया क्षेत्र की राजनीति में उनकी पकड़ इतनी मजबूत थी कि उन्हें प्यार और सम्मान से “टाइगर” के नाम से पुकारा जाता था। वे न केवल एक नेता थे, बल्कि क्षेत्र की जनता के लिए एक मजबूत ढाल भी थे।
*आदिवासी हितों के रक्षक और जनसेवक*
अखिल भारतीय जनजातीय सुरक्षा इस मंच के एक निष्ठावान सिपाही थे और आदिवासी अधिकारों व हितों की रक्षा के लिए हमेशा सड़क से लेकर सदन तक मुखर रहते थे।
पंचायत स्तर पर नेतृत्व ग्राम पंचायत सुलेशा से वे कई बार पंच एवं उपसरपंच चुने गए, जो उनकी जमीनी लोकप्रियता का प्रमाण था।
उन्हें राजनीति की गहरी समझ थी वे अपनी सूझबूझ और रणनीतिक कौशल से कठिन से कठिन राजनीतिक समीकरणों को पलटने की अद्भुत क्षमता रखते थे।
सल्लू राजवाड़े का निधन बगीचा क्षेत्र के लिए एक ऐसी अपूर्णीय क्षति है, जिसकी भरपाई निकट भविष्य में संभव नहीं है। उनका सरल स्वभाव और दबंग नेतृत्व हमेशा याद किया जाएगा।
अंतिम विदाई की सूचना
आज 09 अप्रैल 2026 को समूचा बगीचा उन्हें अंतिम विदाई देगा। उनके अंतिम संस्कार का विवरण निम्नानुसार है:
अंतिम यात्रा का समय: सुबह 11:00 बजे
स्थान: गृह निवास, रौनी रोड, बगीचा
गंतव्य: मुक्तिधाम, बगीचा (जहाँ उनका अंतिम संस्कार संपन्न होगा)
भाजपा के वरिष्ठ नेताओं व विभिन्न सामाजिक संगठनों और क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों ने उन्हें अश्रुपूरित श्रद्धांजलि अर्पित की है। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवार को यह वज्रपात सहने की शक्ति दे।
*अलविदा ‘टाइगर’: जशपुर की राजनीति का एक चमकता सितारा बुझा, टंकेश्वर (सल्लू) राजवाड़े का निधन..!*

