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*श्रीमद भागवत कथा के पाँचवें दिन भक्ति में डूबा जशपुर, 56 भोग और मटका फोड़ लीला बनी आकर्षण का केंद्र, भव्य झांकियों ने रासलीला से पूर्व रचा अलौकिक वातावरण*

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जशपुरनगर :- शहर के श्रीहरि कीर्तन भवन में चल रही सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद भागवत कथा के पाँचवें दिन रविवार को भक्ति, उल्लास और आनंद का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। कथा स्थल भक्तिरस से सराबोर रहा, जहाँ भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन, भव्य झांकियां और संगीतमय भजनों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
पाँचवें दिन की कथा के जजमान महेंद्र अग्रवाल एवं उनकी धर्मपत्नी लक्ष्मी अग्रवाल रहे। विधिवत पूजन-अर्चना के साथ कथा का शुभारंभ हुआ। वृंदावन से पधारे कथावाचक करुणा शंकर महाराज ने श्रीमद भागवत कथा में भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का सुंदर एवं रसपूर्ण वर्णन किया। कथा को रासलीला के पूर्व प्रसंग तक सुनाया गया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।

*56 भोग से सजा लड्डू गोपाल, भक्तिभाव में डूबे श्रद्धालु*

पाँचवें दिन भगवान श्रीकृष्ण को 56 भोग अर्पित किए गए। विशेष बात यह रही कि श्रद्धालु अपने-अपने घरों से विविध प्रकार की मिठाइयाँ, पकवान और प्रसाद बनाकर लड्डू गोपाल के लिए लेकर पहुंचे। 56 भोग से सजा भगवान का दरबार देखने लायक रहा और पूरे पंडाल में भक्तिभाव का माहौल बना रहा।

*“युग-युग जिए रे लाल” जैसे भजनों पर झूमे भक्त*

कथा के दौरान “युग-युग जिए रे लाल, मैया यशोदा के लाल”, “नंद के आनंद भयो”, “छोटी-छोटी गैया, छोटे-छोटे ग्वाल” सहित अनेक संगीतमय भजनों पर श्रद्धालु देर तक झूमते नजर आए। महिलाओं, युवाओं और बच्चों की सहभागिता विशेष रूप से देखने को मिली।

*वृंदावन से आए आचार्य कौशल महाराज की झांकी रही विशेष आकर्षण*

कथा के पाँचवें दिन की झांकी कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रही। वृंदावन से पधारे आचार्य कौशल महाराज के मार्गदर्शन में बच्चों द्वारा तैयार की गई झांकियों ने सभी का मन मोह लिया। भागवत कथा में जिस-जिस प्रसंग का पाठ चलता है, उसी के अनुरूप झांकी तैयार कर उसका सजीव प्रदर्शन करने की कला दर्शकों को अत्यंत भावुक कर गई। सुंदर सजावट, भावपूर्ण प्रस्तुति और बाल कलाकारों की सहज अभिव्यक्ति झांकी की विशेष पहचान रही।

*मटका फोड़ लीला का हुआ आयोजन*

कथा के दौरान मटका फोड़ लीला का आयोजन भी संपन्न हुआ, जिसमें बच्चों और श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस आयोजन ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं को जीवंत कर दिया और पूरा पंडाल जयकारों से गूंज उठा।
झांकी का प्रदर्शन अत्यंत प्रभावशाली रहा, जिसे श्रद्धालुओं ने खूब सराहा। कथा के समापन के पश्चात प्रसाद वितरण किया गया, जिसे आयोजन समिति के सदस्यों एवं स्वयंसेवकों ने सेवा भाव के साथ संपन्न कराया।

उल्लेखनीय है कि सात दिवसीय श्रीमद भागवत कथा प्रतिदिन शाम 6 बजे से 9 बजे तक श्रीहरि कीर्तन भवन में जारी रहेगी। आयोजन समिति ने नगरवासियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर धर्मलाभ लेने की अपील की है।

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