कांसाबेल। विकासखंड के ग्राम हथगड़ा के पास मैनी नदी पर प्रस्तावित मैनी एनीकट एवं नहर निर्माण का अधूरा काम अब 19 साल बाद पूरा होने की उम्मीद जगी है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर राज्य शासन ने परियोजना के लिए 70.99 करोड़ रुपये की मंजूरी प्रदान कर दी है।इसके बाद विभाग द्वारा अब टेंडर प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की जा रही है।मैनी नदी पर बनने वाले इस महत्वपूर्ण सिंचाई प्रोजेक्ट के तहत एनीकट से पानी को डायवर्ट कर करीब 20 किलोमीटर लंबी नहर का निर्माण किया जाएगा। इससे कुल 3,706 एकड़ कृषि भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। इनमें खरीफ फसलों के लिए करीब 3,212 एकड़ तथा रबी फसलों के लिए करीब 494 एकड़ सिंचाई क्षमता प्रस्तावित है।
*2007 में स्वीकृत हुआ था प्रोजेक्ट*
मैनी एनीकट परियोजना के लिए वर्ष 2007 में करीब 12 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली थी। उस समय जल संसाधन विभाग द्वारा नदी का पानी रोकने के लिए एनीकट की दीवार खड़ी की गई और नहर लाइनिंग का काम भी कराया गया। हालांकि भू-अर्जन की प्रक्रिया पूरी नहीं होने तथा अन्य तकनीकी एवं प्रशासनिक कारणों से परियोजना का काम लंबे समय तक अधूरा रहा।अब शासन से नई स्वीकृति मिलने के बाद परियोजना को दोबारा गति मिलने जा रही है। विभाग द्वारा टेंडर प्रक्रिया की तैयारी की जा रही है।
*क्षेत्र के 2100 किसानों को मिलेगा सीधा फायदा*
नई नहर से कांसाबेल क्षेत्र के हथगड़ा, बिहाबल, पतरापाली, बांसबहार, चौंगरीबहार, गरियादोहर सहित आसपास के गांवों के किसानों को सिंचाई सुविधा मिलने की उम्मीद है। परियोजना पूरी होने से करीब 2,100 किसानों की कृषि भूमि को लाभ मिलेगा।नहर के निर्माण से किसानों को खरीफ के साथ-साथ रबी फसलों के लिए भी पानी उपलब्ध होगा, जिससे कृषि उत्पादन बढ़ने और खेती की लागत एवं जोखिम कम होने की उम्मीद है।
*नहर की पुरानी दीवार को किया जाएगा दुरुस्त*
नई स्वीकृति के बाद मैनी नदी में बनी एनीकट की पुरानी दीवार को भी आवश्यकतानुसार दुरुस्त किया जाएगा। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार पुरानी दीवार की मरम्मत के साथ उसकी ऊंचाई और एक फीट बढ़ाई जाएगी, ताकि नदी का पर्याप्त पानी जमा हो सके।परियोजना क्षेत्र का विस्तार अधिक नहीं होने के कारण निर्माण कार्य को निर्धारित रूपरेखा के अनुसार आगे बढ़ाने पर विशेष फोकस रहेगा।
*किसानों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होने की उम्मीद*
मैनी एनीकट और नहर परियोजना क्षेत्र के किसानों की लंबे समय से चली आ रही मांग रही है। परियोजना के पूरा होने से कांसाबेल क्षेत्र में सिंचाई सुविधा का विस्तार होगा और बड़ी संख्या में किसानों को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। 70.99 करोड़ रुपये की स्वीकृति के बाद अब वर्षों से अधूरी पड़ी परियोजना के धरातल पर उतरने की उम्मीद मजबूत हुई है।

