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*विशेष पिछड़ी जनजातियाँ एक धरोहर हैं, क्यों ऐसा मानता है जिला प्रशासन.. पढ़िए पूरी खबर..*

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जशपुर। जिला प्रशासन जशपुर के तत्वावधान में मनोरा जनपद पंचायत के सभा कक्ष में विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा एवं बिरहोर समाज के सर्वेक्षण के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए जनजातीय समाज के महिला एवं पुरुष बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए सहायक आयुक्त संजय सिंह ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ विशेष पिछड़ी जनजाति के प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने विभागीय कर्मचारियों को निर्देश देते हुए कहा कि वे पूर्ण निष्ठा एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करें, ताकि कोई भी पात्र हितग्राही योजनाओं से वंचित न रहे। उन्होंने शिक्षा, सड़क, स्वास्थ्य एवं आवास जैसी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।

उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में संचालित सर्वेक्षण कार्य में समाज के लोगों की सक्रिय सहभागिता अत्यंत आवश्यक है, जिससे सही आंकड़ों के आधार पर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा सके।

जिला पंचायत सदस्य शांति भगत ने कहा कि पहाड़ी कोरवा एवं बिरहोर जनजाति जशपुर जिले की अमूल्य धरोहर हैं और इनके समुचित विकास के लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने समाज के लोगों से जागरूक होकर शासन की योजनाओं का लाभ लेने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य शांति भगत, सलमा भगत,गोविंद राम भगत, सुषमा सिंह,पंकज जायसवाल सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे। कार्यशाला में सर्वेक्षण की प्रक्रिया एवं उसके महत्व पर विस्तृत जानकारी दी गई।

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