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*पत्थलगढ़ी क्षेत्र में फिर निकला आंदोलन का जिन्न, गुस्साए ग्रामीणों ने कहा सड़क नहीं तो वोट नहीं, किन दो विभागों के बीच फंसा है काम,जानने के लिए पढ़ें…ग्राउंड जीरो ई न्यूज़ में पूरी खबर*

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जशपुरनगर:- ( सोनू जायसवाल की रिपोर्ट ) जिले के पत्थरगढ़ी क्षेत्र में एक बार फिर आंदोलन का जिन्न निकल गया है। अधूरी हुए सड़क निर्माण को पूरा करने की मांग को लेकर ग्रामीण एकजुट हो गए हैं। रविवार को नाराज ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर आंदोलन की शुरुआत की। उन्होंने स्पष्ट रूप से प्रशासन को चेतावनी दी कि अगर सड़क निर्माण पूरा नहीं होगा तो वे आगामी विधानसभा चुनाव में वोट नहीं डालेंगे।
वनक्षेत्र नारायणपुर और बादलखोल अभयारण्य से होकर गुजरने वाली जोराजाम से लोटाडांड़ तक 14.5 किमी की सड़क के लिए वर्ष 2018 में 4 करोड़ 49 लाख 98 हजार रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति मिली थी। इस स्वीकृति के बाद सड़क का निर्माण भी शुरु हुआ। ग्रामीणों ने बताया कि अब तक करीब 14 किमी की सड़क का निर्माण हो चुका है, लेकिन डूमरपानी जंगल इलाके में पड़ने वाले 4 किमी की सड़क का काम अटका पड़ा है। बताया जाता है कि यह इलाका एलिफेंट रिजर्व फॉरेस्ट सेंचुरी का है, इसलिए इस इलाके में सड़क बनाने के लिए वन विभाग से एनओसी नहीं दी जा रही है। हालांकि एनओसी के नाम पर अभयारण्य प्रशासन ने निर्माण एजेंसी पीएमजीएसवाई से दो बार रजिस्ट्रेशन शुल्क वसूल कर लिए हैं। डूमरपानी से लोटाडांड़ तक की सड़क बगीचा ब्लॉक के तीन ग्राम पंचायत गायलूंगा, कलिया और बुटुंगा को जोड़ती है। इस इलाके में सड़क बनी पर 4 किमी की सड़क नहीं बन पाने से ग्रामीणों की परेशानी कम नहीं हुई है। 4 किमी की सड़क पर WBM वर्क हुआ था। वर्तमान में यहां बड़ी- बड़ी गिट्टियां निकली हुईं हैं,जिससे लोगों को आवागमन में काफी परेशानी उठानी पड़ती है। खासकर बरसात के दिनों में इस सड़क पर चलना मुश्किल होता है। सड़क पर इतना ज्यादा कीचड़ होता है कि वाहनों के पहिए कीचड़ में फंस जाते हैं और जाम लग जाता है। चार किमी की दूरी किसी भी वाहन से तय करने में आधे घंटे का वक्त लग जाता है। लग्जरी कारों से इस सड़क पर चलना मुश्किल होता है। क्योंकि इस जगहों पर ऐसे गड्‌ढ़े बने हैं जहां से गाड़ी को पार करना मुश्किल होता है।

अभी शुरुआत, बाद में तेज होगा आंदोलन

4 किमी की सड़क नहीं बनने से ग्रामीण परेशान हैं और एक बार फिर आंदोलन की शुरुआत किए हैं। गायलूंगा के उप सरपंच शिव यादव ने बताया कि उन्होंने कई बार सड़क पूरी करने की मांग उठाई है। इसके बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। ग्रामीणों की समस्या जस की तस है। इसलिए एक बार फिर से सभी गांव के ग्रामीण एकजुट होकर आंदोलन कर रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा अभी तो यह शुरुआत है, सड़क नहीं बनी तो हमारा आंदोलन और तेज होगा।

इतने गांव हैं प्रभावित

4 किमी की सड़क अधूरी होने से ग्राम पंचायत गायलूंगा के गायलूंगा, लोटाडांड़, खेजअंबा, ग्राम पंचायत कलिया में कलिया, सिहारडांड़ और बनखेता, ग्राम पंचायत बुटुंगा में बुटुंगा, कुड़ाटेपना, रामपुर, डूमरपानी और मछलीडूमर के ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हो रही है।

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