Site icon Groundzeronews

*दोकड़ा में तीन दिवसीय श्री जगन्नाथ मंदिर स्थापना महोत्सव का भव्य समापन,अष्ट प्रहरी संकीर्तन में छत्तीसगढ़, ओडिशा व झारखंड की मंडलियों ने बांधा समां*

IMG 20260516 WA0012

दोकड़ा।यहां के ऐतिहासिक प्राचीन मंदिर श्री जगन्नाथ मंदिर में आयोजित स्थापना के प्रथम वर्षगांठ महोत्सव का शनिवार को भव्य एवं भक्तिमय वातावरण में समापन हो गया। तीन दिवसीय धार्मिक आयोजन में क्षेत्र सहित दूर-दराज से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान , एवं के दर्शन कर पूजा-अर्चना की।

महोत्सव के दौरान आयोजित अष्ट प्रहरी नाम संकीर्तन कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के अलावा ओडिशा एवं झारखंड से पहुंचे कीर्तन मंडलियों ने भक्ति गीतों और हरिनाम संकीर्तन से पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। देर रात तक चले संकीर्तन में श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे नजर आए। मंदिर परिसर “जय जगन्नाथ” और “हरे कृष्ण हरे राम” के जयघोष से गूंजता रहा।

महोत्सव के अंतिम दिन नगर कीर्तन एवं पारंपरिक मटकी फोड़ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। नगर कीर्तन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और पूरे दोकड़ा नगर में भक्ति की अनूठी छटा देखने को मिली। इसके पश्चात श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण कर महोत्सव का समापन किया।

इस अवसर पर मंदिर के गजपति महाराज व मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय विशेष रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश एवं क्षेत्रवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

महोत्सव के दौरान प्रतिदिन सुबह एवं शाम आयोजित महाआरती में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। दीपों की रोशनी, भक्ति संगीत और हरिनाम संकीर्तन से मंदिर परिसर पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में सराबोर नजर आया। आयोजन समिति एवं ग्रामवासियों के सहयोग से महोत्सव का सफल एवं शांतिपूर्ण आयोजन संपन्न हुआ।

मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय का समिति के सदस्यों ने शॉल श्रीफल भेंट कर जताया आभार

श्री जगन्नाथ मंदिर समिति दोकड़ा द्वारा आयोजित स्थापना प्रथम वर्षगांठ महोत्सव के अवसर पर गजपति महाराज व मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की धर्मपत्नी कौशल्या साय का मंदिर समिति की ओर से शॉल एवं श्रीफल भेंट कर आत्मीय स्वागत एवं सम्मान किया गया। समिति पदाधिकारियों ने आयोजन में उनकी उपस्थिति के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके आगमन से महोत्सव की गरिमा और बढ़ी है। इस दौरान मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं समिति सदस्यों की उपस्थिति ।

Exit mobile version