जशपुरनगर. कलेक्टर डॉ रवि मित्तल एवं ज़िला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संबित मिश्रा के मार्गदर्शन में एवं जिला शिक्षा अधिकारी जशपुर संजय गुप्ता के निर्देशन में यशस्वी जशपुर कार्यक्रम के तहत आयोजित शिक्षक उन्मुखीकरण कार्यशाला में कक्षा 12 वीं गणित विषय अध्यापन कराने वाले शिक्षकों की उन्मुखीकरण कार्यशाला संपन्न हुई। गणित विषय में कक्षा अध्यापन के दौरान आने वाली विषयगत कठिनाईयों पर विस्तृत चर्चा हुई एवं सभी बिन्दुओं पर मास्टर ट्रेनरों के द्वारा समस्या का समाधान किया गया। शिक्षकों के लिए ब्रेन स्टॉर्मिंग गतिविधि से सभी शिक्षकों को बोर्ड परीक्षा में शत् प्रतिशत परिणाम प्राप्त करने प्रोत्साहित किया गया। मास्टर ट्रेनर संजय दास के द्वारा उन्मुखीकरण कार्यशाला से अपेक्षाएं पर विस्तार से चर्चा की गई। मास्टर ट्रेनरों के द्वारा बताया गया कि यूट्यूब एवं तकनीकी का उपयोग करते हुए गणित विषय को सरलतापूर्वक बच्चों को समझाया जा सकता है। मास्टर ट्रेनर संजय दास एवं सुभाष चौरसिया के द्वारा संबंध, फलन, प्रायिकता, रेखीय समीकरण आदि अवधारणाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
बतौर विषय विशेषज्ञ के रूप में डिप्टी कलेक्टर प्रशांत कुशवाहा ने गणित विषय के अध्यापन में आने वाली कठिनाइयों पर चर्चा करते हुए बताया कि किस प्रकार गणित के एक प्रश्न को कई विधियों से हल कराया जा सकता है। इसी क्रम में उन्होंने वृत्त की परिधि एवं वृत्त का क्षेत्रफल को कई विधियों से हल करने विधि बताई।गणित की मूलभूत सांक्रियाये, चर ,अचर,डोमेन ,रेंज कैलकुलस , समाकलन गणित , त्रिकोणमिति आदि पर विस्तृत चर्चा करते हुए गणित के अध्यापन को रोचक बनाने की बात कही। गणित विषय के प्रति बच्चों में रुचि कैसे लाई जाये यह उदाहरण देकर शिक्षकों को समझाया । कुशवाहा ने बताया कि गणित विषय को दैनिक जीवन से जोड़कर बहुत ही सरल तरीके से अवधारणाओं को स्पष्ट करें तो बच्चों में आसानी से विषय के प्रति रुचि जागृत किया जा सकता है। डिप्टी कलेक्टर ने शिक्षकों को बच्चों की क्षमता पर भरोसा करने को कहा। उन्होंने कहा कि बच्चों को कमजोर समझना अथवा विषय वस्तु को समझा नही पाना शिक्षक की ही कमजोरी है। शिक्षकों को भी लगातार मेहनत करने और स्वयं को अध्ययन करने की आवश्यकता का महत्व समझाया।उन्होंने लगभग दो घंटे तक शिक्षकों को आसान तरीके से विषय को समझाने हेतु प्रेरित किया एवं शिक्षकों के अध्ययन अध्यापन में आने वाली सारी समस्याओं का समाधान किया।
यशस्वी जशपुर के नोडल अधिकारी विनोद गुप्ता द्वारा शिक्षकों को कहा गया कि हाई एवम हायर सेकेंडरी कक्षाओं के विद्यार्थियों को गणित विषय के पाठ्यक्रम का अध्यापन शुरू करने से पहले गणित की प्रारंभिक ज्ञान , आवश्यक अवधारणाओं पर मॉड्यूल तैयार कर पूर्व ज्ञान का आंकलन करें । बच्चों में गणित के नए प्रश्न बनाने की क्षमता विकसित करें। ऐसा करने पर निश्चित ही विद्यार्थियों में विषय के प्रति रुचि एवम परीक्षा परिणाम में सुधार देखने को मिलेगा । उन्होंने कहा की आवश्यक होने पर अतिरिक्त कक्षाएँ संचालित कर बच्चों के समस्याओं को समाधान करने का प्रयास करे। उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजन में यशस्वी जशपुर के संजीव शर्मा, अवनीश पांडेय व राजेंद्र प्रेमी का विशेष योगदान रहा। कार्यशाला में जिले के विद्यालयो के गणित विषय अध्यापन करने वाले शिक्षक /शिक्षिका गुणवत्ता युक्त शिक्षा प्रदान करने के लिए संकल्पित हुए ।
*एक ही प्रश्न को कई विधियों से किया जा सकता है हल, शिक्षकों ने जाना गणित की पढ़ाई को कैसे बना सकते हैं रोचक…*
