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*WATCH VIDEO:-यहां दिखा शिवभक्तों में एक अलग ही उत्साह,कल्याण आश्रम के तत्वाधान में झूमते-नाचते,गाते 14 किलोमीटर दूर कन्हर नदी से जल उठा कर नंगे पांव सैकड़ों भक्त पहुंचे कोटा पहाड़, बाबा टांगीनाथ की बढ़ता हुआ फरसा और प्राचीन समय से स्वयं प्रकट शिवलिंग पर किया गया जलाभिषेक…. इस जगह के महत्व को जान कर आप भी हो जायेंगे हैरान,इस स्थान की बड़ी खास बात जानने के लिए…. पढिये ग्राउंड जीरो न्यूज पर पूरी खबर*

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https://youtu.be/RF5c5HSHks0

जशपुर/सन्ना(राकेश गुप्ता की विशेष रिपोर्ट):- पवित्र सावन माह के अंतिम सोमवार को अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के तत्वाधान में 15 गांव से करीब तीन सौ से भी ज्यादा जनजाति हिन्दू समाज के शिव भक्तों के साथ जशपुर जिले की सन्ना क्षेत्र के ऐतिहासिक स्थल प्राचीन एकम्बा शिव मंदिर और उकई में स्थित प्राचीन शिव धाम कोटा पहाड़ में जलाभिषेक कराया गया।सैकड़ों भक्तों के द्वारा कोटा पहाड़ से करीब 14 किलोमीटर दूरी पर मरंगी गांव में स्थित कन्हर नदी के पवित्र जल को उठा कर नंगे पांव पैदल नाचते गाते झूमते हुए कोटा पहाड़ में आ कर भगवान शिव पर और बाबा टांगीनाथ के बढ़ते हुए फरसा पर जलाभिषेक किया गया।वहीं बीच रास्ते मे एकम्बा गांव में स्थित शिव मंदिर जहां जिले का सबसे बड़ा स्वयं प्रकट बढ़ता हुआ शिवलिंग स्थित है जहां भक्तों के द्वारा जलाभिषेक किया गया और फिर सभी एक साथ कोटा पहाड़ पहुंचे।जहां भक्तों के लिए जलाभिषेक उपरांत भण्डारे का भी आयोजन किया गया था और सभी भक्त एक साथ बैठ कर प्रसाद स्वरूप ग्रहण किये।वहीं बताया यह भी जा रहा है कि इस पूरे कार्यक्रम का नेतृत्व वनवासी कल्याण आश्रम कर रही थी।जिसके प्रमुख कार्यकर्ताओं ने इसमें अहम भूमिका निभाई है।


आपको बता दें कि यह कोटा पहाड़ जिला मुख्यालय से करीब 80 किलोमीटर की दूरी पर सन्ना क्षेत्र के उकई गांव के पास स्थित है।जहां मान्यत है कि इस स्थान में प्राचीन काल मे झारखण्ड में स्थित बाबा टांगीनाथ के फरसा का छोटा टुकड़ा यहां गिरा था वहीं भगवान शिव आपरूपी स्वंय प्रकट शिव लिंग स्वरूप इस स्थान में स्थापित हैं और काफी प्राचीन समय से यहां पूजा अर्चना किया जाता है।वहीं इस स्थान में यह भी देखने को मिलता है कि जहां भगवान बाबा टांगीनाथ का फरसा का टुकड़ा गिरा था वह फरसा लगातार काफी तेज गति से बढ़ रहा है।जिससे भक्तों में काफी मात्रा में आस्था यहां बढ़ता ही चला जा रहा है।अगर यहां के ग्रामीणों का या जिले के सनातनी जानकारों की माने तो जो लोग झारखण्ड के बाबा टांगीनाथ में पूजा अर्चना करते हैं उन्हें यहां कोटा पहाड़ स्थान में आ कर बाबा का उस दूसरे फरसे का दर्शन करना जरूरी रहता है।बताया जाता है कि जो फरसा बाबा टांगीनाथ में स्थित है उसी का दूसरा फरसा इस स्थान में है जिसका पूजा अर्चना करने पर ही टांगीनाथ बाबा की पूजा अर्चना का महत्व पूर्ण हो पाता है और आस्था सफल होती है।आपको बता दें कि यहां की खास बात यह भी है कि कोटा पहाड़ में भगवान का शिवलिंग और बाबा टांगीनाथ के फरसे के अलावा इस पूरे पहाड़ में एक अलग प्रजाति के बेल का वृक्ष भी सैकड़ों की संख्या में स्थित है जिसमें खास बात यह है कि इन सभी वृक्षों के अधिकतर बेल पत्र का रूप पूरी तरह नाग के फन आकार में प्रतीत होता है जो एक आस्था की ओर दर्शाता है।

सावन माह के पवित्र माह के अंतिम सोमवार को कोटा पहाड़ में सामूहिक जलाभिषेक कार्यक्रम सम्पन्न कराने में कल्याण आश्रम के प्रमुख रूप से जशपुर से आये अतिथि के रूप में गंगा राम भगत जिला संगठन मंत्री एंव रविन्द्र शेखर थे।इस पूरे कार्यक्रम में प्रमुख रूप से अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम जशपुर सन्ना विकास खण्ड संगठन मंत्री जगरनाथ राम, सह संगठन मंत्री देवकुमार यादव,उकई सरपंच सुशील राम,उल्लेश्वर भगत,राजेन्द्र राम के अलावा दर्जनों प्रमुख कार्यकर्ता मौजूद थे।

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