जशपुरनगर। जशपुर जिले के प्राकृतिक वातावरण के कारण कभी आषाढ़ के महीने से ही तेज बारिश होती थी। बारिश शुरू होते ही किसान खेती का कार्य शुरू कर देते थे। किंतु इस वर्ष आषाढ़ का महीना बितने को है किंतु जशपुर जिले के अधिकांश गांव में खेती के योग्य पानी भी नहीं बरसा है।जिससे ग्रामीण काफी परेशान है और बारिश के लिए तरह तरह के अनुष्ठान किए जा रहे हैं।वहीं ग्राम कलिया की महिलाओं ने बारिश के लिए पांच दिनों से अनूठी पहल करते हुए तरह तरह के अनुष्ठान करते देखे जा रहे हैं। जिसमें ग्रामीण महिलाएं कांसे के लोटे में जल भरकर ग्राम देवता एवम पीपल के वृक्ष पर जल चढ़ाकर इंद्रदेव को प्रसन्न करने का प्रयास कर रही हैं।
महिलाओं ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में पुरखों के समय से यह परम्परा चलती आ रही है समय पर बारिश नहीं होने से पीपल में जल चढ़ाने की ऐसा करने से जरूर बारिश होती है और किसानों के जीवन मे खुशहाली आती है। इसी उम्मीद से यह अनुष्ठान किया जा रहा है।
ज्ञात हो कि जशपुर जिले में लगातार जंगलो की अवैध कटाई एवम जंगलो में आग लगने के कारण इस वर्ष ग्लोबल वार्मिंग का असर स्पष्ट दिख रहा है। जशपुर में खण्ड वृष्टि के कारण कहीं अत्यधिक बारिश तो कहीं बिल्कुल कम बारिश हो रही है।यदि ऐसा ही रहा तो जिले के किसान जो वर्ष में बारिश के पानी से जो एक मात्र धान की फसल लेते हैं उनके सामने गम्भीर समस्य उतपन्न हो जाएगी। सम्भव है कि कम बारिश के कारण जिले में अकाल की स्थिति न उतपन्न हो जाए।
*देखिये वीडियो:- बारिश ना होने पर गांव की महिलाओं की अनूठी परम्परा…पुरखों के समय से चलती आ रही यह परम्परा…खेती करने बारिस नही हुआ तो पांच दिनों से इस गांव में चल रहा अद्भुत अनुष्ठान…. पढ़िए कहाँ हो रहा है अनुष्ठान, सिर्फ ग्राउंड जीरो न्यूज पर*


