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*कल्याण आश्रम का जनजाति सेवा एवं संरक्षण में अमूल्य योगदान – मुख्यमंत्री श्री साय, दोकड़ा में 95 लाख रुपये की लागत से बनेगा अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम का चिकित्सालय भवन, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ग्राम दोकड़ा में 1 करोड़ 75 लाख रुपए के 6 विकास कार्यों का किया भूमिपूजन*

जशपुरनगर 29 दिसम्बर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज पत्थलगांव विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम दोकड़ा अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शामिल लेकर दोकड़ा गांव को विकास की बड़ी सौगात दी। इस अवसर पर उन्होंने लगभग 1 करोड़ 75 लाख रुपये की लागत से होने वाले 6 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। जिसमें 95 लाख रुपये की लागत से दोकड़ा में अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के चिकित्सालय भवन , 10 -10 लाख रुपए के दो आरसीसी पुलिया, 20 – 20 लाख रुपए दो सामुदायिक भवन एवं 20 लाख रुपए की लागत के स्वागत द्वार निर्माण कार्य शामिल हैं। इस अवसर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इन कार्यों से दोकड़ा गांव सहित क्षेत्र के लोगों को भी लाभ होगा। अस्पताल के निर्माण होने से स्थानीय स्तर पर ही लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेगी। लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दूर जाना नहीं पड़ेगा। इस अवसर पर पत्थलगांव क्षेत्र की विधायक श्रीमती गोमती साय, अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय महामंत्री श्री योगेश बापट, जिला पंचायत सदस्य हीरामती पैंकरा, दोकड़ा सरपंच श्रीमती चंद्रकला भगत,सुनील गुप्ता,ठाकुर पुरुषोत्तम सिंह,कल्याण आश्रम जिलाध्यक्ष बलराम भगत,दिनेश प्रसाद,रवि यादव, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, एसएसपी श्री शशिमोहन सिंह, डीएफओ श्री शशि कुमार, वनवासी कल्याण आश्रम के सदस्यों सहित भारी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि दोकड़ा में वनवासी कल्याण आश्रम की शुरुआत वर्ष 1986 में एक छोटे से अस्पताल प्रकल्प के रूप में हुई थी। उस समय सीमित संसाधनों और पुराने भवन में कार्य प्रारंभ किया गया, लेकिन आश्रम से जुड़े सेवाभावी कार्यकर्ताओं ने तन-मन-धन से जुड़कर क्षेत्र के लोगों की सेवा की और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हुए भूमिपूजन से बड़े और सुसज्जित अस्पताल भवन के निर्माण से इस अंचल में स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा मिलेगी और जनजातीय समाज को अपने ही क्षेत्र में बेहतर उपचार उपलब्ध हो सकेगा। उन्होंने कहा कि वनवासी कल्याण आश्रम का नेटवर्क पूरे देश में फैला हुआ है। आश्रम का उद्देश्य केवल सेवा करना नहीं, बल्कि जनजातीय समाज की धर्म-संस्कृति और परंपराओं की रक्षा करते हुए उनके सर्वांगीण विकास को गति देना है। इस संस्था ने जहां-जहां कार्य किया है, वहाँ समाज में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई देता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ राज्य के रजत जयंती वर्ष की सभी नागरिकों को बधाई देते हुए कहा कि सरकार मोदी की गारंटी के अनुरूप सभी विकास कार्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण कर रही है। उन्होंने क्षेत्र के विकास कार्यों को बताया कि फरसाबहार में मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल (एमसीएच) का निर्माण किया जाएगा। इसी प्रकार नर्सिंग कॉलेज और फिजियोथेरेपी कॉलेज की भी स्थापना की जाएगी, जिससे युवाओं को स्थानीय स्तर पर उच्च शिक्षा एवं रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे और उन्हें बाहर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा बगिया सिंचाई योजना प्रारंभ की जा रही है, जिससे 14 ग्रामों को सीधा लाभ मिलेगा। इसके अतिरिक्त प्रदेश में सिंचाई परियोजनाओं की मरम्मत एवं जीर्णोद्धार के लिए 2800 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिससे किसानों को पर्याप्त सिंचाई सुविधा सुनिश्चित होगी।

इस अवसर पर पत्थलगांव क्षेत्र की विधायक श्रीमती गोमती साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम क्षेत्र में सेवा कार्य कर रहा है और अब नए अस्पताल भवन के निर्माण से जनजातीय अंचल के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जशपुर जिले में स्वास्थ्य क्षेत्र का लगातार उन्नयन हो रहा है, जिससे स्थानीय स्तर पर ही आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण उपचार का लाभ मिलेगा और उन्हें बाहर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय महामंत्री श्री योगेश बापट ने अपने संबोधन में कहा कि ग्राम दोकड़ा से कल्याण आश्रम की शुरुआत उस समय हुई थी, जब जनजातीय समाज की रीति-रिवाज, धर्म और संस्कृति पर लगातार आघात हो रहा था। ऐसे समय में आश्रम ने समाज को मार्गदर्शन दिया, लोगों के ठहरने, आने-जाने और उपचार की सुविधा विकसित की तथा धर्म एवं संस्कृति के प्रति जागरूकता का वातावरण निर्मित किया। उन्होंने बताया कि यह संस्थान प्रारंभ से ही सेवा, श्रद्धा जागरण और स्वास्थ्य सेवा का केंद्र रहा है, जो आज सामाजिक एवं सनातन मूल्यों का प्रमुख आधार बन चुका है। श्री बापट ने कहा कि पुराना भवन अब जीर्ण-शीर्ण हो चुका था, जिसके कारण नए अस्पताल भवन की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। इस हेतु 95 लाख रुपये की स्वीकृति दिए जाने पर उन्होंने मुख्यमंत्री एवं शासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह भवन आने वाले वर्षों में क्षेत्र के हजारों जरूरतमंद लोगों के लिए आशा और विश्वास का केंद्र बनेगा।

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