जशपुरनगर:-धान उपार्जन केंद्र कोनपारा (तुमला) में हुए 6.55 करोड़ रुपये के बहुचर्चित धान घोटाले में जशपुर पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। मामले के मुख्य आरोपी और मास्टरमाइंड समिति प्रबंधक जयप्रकाश साहू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। शातिर आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था और दूसरे के नाम के सिम कार्ड का उपयोग कर रहा था, लेकिन पुलिस की पैनी नजरों से बच नहीं सका।
घोटाले की राशि:-₹6,55,26,979 (छह करोड़ पचपन लाख से अधिक)।
धान की कमी: 20,586.88 क्विंटल धान का रिकॉर्ड में हेरफेर।
गिरफ्तार आरोपी: जयप्रकाश साहू (40 वर्ष), निवासी तपकरा (समिति प्रबंधक)।
अब तक कार्रवाई: 06 आरोपियों में से 02 गिरफ्तार, 04 अभी भी फरार।
*पूरा मामला: करोड़ों के धान और बारदाने का गबन..!*
खरीफ वर्ष 2024-25 के दौरान आदिम जाति सेवा सहकारी समिति कोनपारा में कुल 1,61,250 क्विंटल धान की खरीदी दर्ज की गई थी। लेकिन जब धान को संग्रहण केंद्रों और मिलों में भेजने की बारी आई, तो भौतिक सत्यापन में 20,586.88 क्विंटल धान कम पाया गया। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने न केवल धान बल्कि 4,898 नग नए-पुराने बारदानों का भी गबन किया है। शासन को कुल 6 करोड़ 55 लाख 26 हजार 979 रुपये की भारी आर्थिक क्षति पहुँचाई गई। इस मामले में अपेक्स बैंक के नोडल अधिकारी की रिपोर्ट पर थाना तुमला में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया था।
*दमोह से कोरबा तक ‘चूहे-बिल्ली’ का खेल..!*
FIR दर्ज होने के बाद से ही मास्टरमाइंड जयप्रकाश साहू फरार था। वह अत्यंत शातिर किस्म का अपराधी है, जो पुलिस को चकमा देने के लिए मध्य प्रदेश के दमोह में काफी समय तक छिपा रहा। पुलिस टीम के वहां पहुँचने की भनक लगते ही वह भागकर कोरबा के कुसमुंडा (विकास नगर) में छिप गया।
आरोपी की चालाकी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वह हर बार दूसरे व्यक्तियों के नाम पर जारी सिम कार्ड का इस्तेमाल करता था ताकि उसकी लोकेशन ट्रेस न हो सके। हालांकि, जशपुर एसएसपी के निर्देश पर गठित विशेष टीम और सायबर यूनिट ने तकनीकी विश्लेषण के जरिए उसे कोरबा में घेराबंदी कर दबोच लिया।
*पुलिस की कार्रवाई और आगामी लक्ष्य..!*
इस मामले में पुलिस पहले ही फड़ प्रभारी शिशुपाल यादव को जेल भेज चुकी है। एसएसपी जशपुर शशि मोहन सिंह ने बताया कि:
”6.55 करोड़ की अनियमितता के मामले में दूसरे मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस घोटाले में शामिल अन्य 04 फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। भ्रष्टाचार के इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।”
पुलिस टीम की भूमिका: इस सफल कार्रवाई में एसडीओपी पत्थलगांव डॉ. ध्रुवेश कुमार जायसवाल, थाना प्रभारी तुमला कोमल सिंह नेताम, एएसआई टेकराम सारथी और सायबर यूनिट की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
