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*Breaking jashpur:-​खौफनाक: जशपुर में ‘दृश्यम’ जैसा हत्याकांड,पत्नी ने बच्चों के साथ मिलकर पति को उतारा मौत के घाट; अधजली लाश की गुत्थी सुलझी..!*

​जशपुरनगर:-छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में पुलिस ने एक अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाने में बड़ी सफलता हासिल की है। अक्टूबर 2025 में पुरना नगर के तूरीटोंगरी जंगल में मिली एक अज्ञात अधजली लाश के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। इस हत्याकांड का मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि मृतक की अपनी पत्नी ही निकली, जिसने तीन नाबालिग बच्चों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया और पहचान छिपाने के लिए शव को पेट्रोल डालकर जला दिया।
*​ये था पूरा मामला*
​घटना की शुरुआत 18 अक्टूबर 2025 को हुई, जब पुलिस को तूरीटोंगरी के गड्ढे में एक अज्ञात युवक की अधजली लाश मिलने की सूचना मिली। शव इस कदर जल चुका था कि उसकी शिनाख्त करना नामुमकिन था। जशपुर एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश पर मामले की जांच के लिए एक विशेष टीम गठित की गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि युवक की मौत सामान्य नहीं, बल्कि गला घोंटकर की गई हत्या थी।
*​DNA टेस्ट से हुई मृतक की पहचान*
​काफी समय तक शव की पहचान नहीं हो सकी। इसी बीच दिसंबर में मृतक के भाई ने थाने पहुंचकर संदेह जताया कि उसका भाई महावीर राम भगत (49 वर्ष) दिवाली के समय से लापता है और उसकी पत्नी सुमित्रा भगत इस बारे में कोई जानकारी नहीं दे रही है। पुलिस ने संदेह के आधार पर मृतक के बच्चों और बरामद शव के सैंपल्स का DNA टेस्ट कराया। रिपोर्ट मैच होने के बाद यह साफ हो गया कि लाश महावीर राम भगत की ही है।
​विवाद, हत्या और लाश को ठिकाने लगाने की साजिश
​पुलिस हिरासत में जब आरोपी पत्नी सुमित्रा भगत (50 वर्ष) से मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ की गई, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। सुमित्रा ने बताया कि उसका पति अक्सर शराब पीकर उसके साथ मारपीट करता था, जिससे तंग आकर वह अलग रहने लगी थी।
18 अक्टूबर की सुबह महावीर अपनी पत्नी के घर गैंती लेकर उसे मारने की धमकी देने पहुँचा।
​आवेश में हत्या: दोनों के बीच विवाद बढ़ा और सुमित्रा ने महावीर के हाथ से गैंती छीनकर उसके सिर और चेहरे पर वार कर दिया। जब वह गिर गया, तो सुमित्रा ने उसकी छाती पर चढ़कर उसका गला तब तक दबाया जब तक उसकी जान नहीं निकल गई।
​बच्चों का साथ: इस खौफनाक मंजर के दौरान सुमित्रा की दो नाबालिग बेटियां भी वहीं मौजूद थीं। उन्होंने शव को चादर से ढक दिया। रात होने पर पड़ोस में रहने वाले एक 15 वर्षीय नाबालिग बालक की मदद ली गई। चारों ने मिलकर शव को बल्ली से बांधा, जंगल ले गए और पहचान मिटाने के लिए पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी।
​पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी
​पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई छोटी गैंती, पेट्रोल वाली जरकीन और टॉर्च बरामद कर ली है। आरोपियों के खिलाफ बीएनएस (BNS) की धारा 103(1), 238(क) और 61(2)(क) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
​गिरफ्तार आरोपी:
​सुमित्रा भगत (मृतक की पत्नी) – न्यायिक रिमांड पर जेल भेजी गई।
​दो नाबालिग लड़कियां और एक नाबालिग लड़का – बाल संप्रेषण गृह भेजे गए।
​​इस चुनौतीपूर्ण केस को सुलझाने में एडिशनल एसपी राकेश कुमार पाटनवार के नेतृत्व में डीएसपी भावेश कुमार समरथ, कोतवाली प्रभारी मोरध्वज देशमुख, साइबर सेल के नसीरुद्दीन अंसारी और उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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