जशपुरनगर। बढ़ती गर्मी और बदलती जीवनशैली के बीच स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जशपुर के युवाओं का समूह ‘सूर्यमंडलम’ लोगों को प्रतिदिन पारंपरिक पेय पदार्थों के सेवन के लिए प्रेरित कर रहा है। समूह का मानना है कि स्थानीय और पारंपरिक पेय न केवल शरीर को ठंडक पहुंचाते हैं, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी होते हैं।
समूह के सदस्य प्रतिदिन प्रातः योग और सूर्यनमस्कार के बाद मट्ठा, बेल का शरबत, नींबू पानी, सत्तू पेय, छाछ, ब्राम्ही और पुदीने का पेय, लेमन ग्रास की चाय और अन्य पारंपरिक पेय का उपयोग कर रहे हैं। इसे फेसबुक लाइव के जरिए लोगों तक पहुंचाकर वे प्राकृतिक पेय अपनाने का संदेश दे रहे हैं।
‘सूर्यमंडलम’ के युवाओं का कहना है कि अत्यधिक गर्मी में कृत्रिम और अधिक शक्कर वाले पेय पदार्थों की बजाय प्राकृतिक और पारंपरिक पेय शरीर को ऊर्जा देने के साथ जल संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं। यह पहल केवल स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि स्थानीय परंपराओं और पारंपरिक खान-पान संस्कृति को बढ़ावा देने का प्रयास भी है।
समूह नियमित रूप से लोगों को जागरूक कर रहा है कि गर्मी के मौसम में सही खान-पान और पर्याप्त तरल पदार्थों का सेवन आवश्यक है। स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की सराहना की है। उनका कहना है कि ऐसी जागरूकता गतिविधियां युवाओं को समाजहित से जोड़ने के साथ स्वास्थ्य के प्रति सजग बनाने में सहायक हैं।
गर्मी के बढ़ते प्रभाव के बीच युवाओं द्वारा शुरू की गई यह पहल स्वास्थ्य जागरूकता और पारंपरिक जीवनशैली को बढ़ावा देने की दिशा में एक सकारात्मक प्रयास मानी जा रही है।
