जशपुरनगर। रविवार को जशपुर जिले के पत्थलगांव थाना परिसर में उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब सोशल मीडिया एक्टिविस्ट अमित पांडे और अग्रवाल समाज के लोगों के बीच कहासुनी के बाद धक्का-मुक्की हो गई। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, विवाद के दौरान भीड़ में कुछ लोगों ने अमित पांडे का कॉलर भी पकड़ लिया। पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को अलग किया और स्थिति पर नियंत्रण पा लिया।
जानकारी के अनुसार, अमित पांडे आदिवासी भूमि से जुड़े एक मामले में कुछ आदिवासी महिलाओं के साथ शिकायत दर्ज कराने पत्थलगांव थाना पहुंचे थे। इसी दौरान अग्रवाल समाज के कई लोग भी थाना परिसर पहुंच गए। दोनों पक्ष आमने-सामने आए तो बहस शुरू हो गई, जो कुछ समय के लिए धक्का-मुक्की में बदल गई।
अग्रवाल समाज के प्रतिनिधियों का आरोप है कि अमित पांडे सोशल मीडिया पर समाज और जनप्रतिनिधियों के संबंध में लगातार आपत्तिजनक टिप्पणियां करते रहे हैं, जिससे समाज में नाराजगी है। समाज की ओर से अंकित बंसल ने कहा कि इस विषय में पहले भी आपत्ति दर्ज कराई जा चुकी है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद के दौरान मौजूद कुछ आदिवासी महिलाओं ने अमित पांडे को भीड़ से सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की।
इधर, स्थानीय पत्रकारों का कहना है कि सोशल मीडिया पर किसी भी जानकारी को बिना तथ्यात्मक पुष्टि के साझा करना उचित नहीं है। उनका मानना है कि सार्वजनिक मंचों पर केवल सत्यापित और प्रमाणित जानकारी ही साझा की जानी चाहिए।
एसडीओपी डॉ. ध्रुवेश जायसवाल ने बताया कि पुलिस ने समय रहते हस्तक्षेप कर स्थिति को सामान्य कर दिया। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों से प्राप्त शिकायतों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। साथ ही उन्होंने लोगों से कानून अपने हाथ में न लेने और किसी भी शिकायत के लिए वैधानिक प्रक्रिया अपनाने की अपील की।
