
जशपुरनगरः सर्व आदिवासी समाज द्वारा आयोजित विश्व आदिवासी दिवस के आयोजन को लेकर विवाद की स्थिति बन गई है। शहर के दो जनजातिय समुदाय के सदस्यों ने एसएसपी डा लाल उमेद सिंह को ज्ञापन सौंप कर,कल होने वाली रैली और सभा की अनुमति ना देने का अनुरोध किया है। वहीं आयोजक शनिवार को रैली और सभा की तैयारी को अंतिम रूप देने में जुटे रहे। एसपी को सौपें गए ज्ञापन में शहर के बरटोली निवासी संतन राम भगत और सिया राम भगत का कहना है कि विश्व आदिवासी दिवस का आयोजन को लेकर शहर में लगाए गए प्रचार सामग्री में नियमानुसार आयोजक का नाम का उल्लेख नहीं किया गया है। आवेदकों ने पोस्टर में आदिवासी शब्द के प्रयोग पर आपत्ति जताया है। उनका कहना है कि आदिवासी शब्द संविधान के विपरीत है। इसके साथ शिकायतकर्ताओं का कहना है संयुक्त राष्ट्र संघ ने वर्ल्ड इंडीजीनस डे (विश्व मूल निवासी दिवस) की घोषणा की थी। इसका उद्देश्य विश्व के कुछ देशों में बाहर से आए हुए लोगों द्वारा मूल निवासियों के अधिकारों के हनन को रोकना था। जबकि भारत में कहीं भी ऐसी स्थिति नहीं है। आवेदकों का दावा है कि भारत के पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव ने संयुक्त राष्ट्र को भेजे गए एक पत्र में स्पष्ट कर दिया था कि भारत में रहने वाले सभी मूल निवासी हैं। यहां मूल निवासी और बाहरी जैसी कोई स्थिति नहीं है। इसके बावजूद स्थानीय लोगों के बीच भेदभाव पैदा करने के उद्देश्य से यह आयोजन किया जा रहा है। वहीं, सर्व आदिवासी समाज के कुनकुरी ब्लाक के अध्यक्ष वाल्टर कुजूर का कहना है कि विश्व आदिवासी दिवस का आयोजन आदिवासी समाज की एकजुटता को प्रदर्शित करते हुए,समाज में परम्परा और रीतियों को बनाएं रखने के लिए जागरूक करना है।
कल होगा रैली और आमसभा का आयोजन –
विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज ने शहर के बीटीआई कालोनी के मैदान में कार्यक्रम का आयोजन किया है। ब्लाक अध्यक्ष वाल्टर कुजूर ने बताया कि कार्यक्रम सुबह 10 बजे बैगाओं द्वारा पुरखों और आदिवासी समाज के महापुरूषों की पूजा के साथ शुरू होगा। इसके बाद शहर में रैली निकलेगी। इसके साथ ही संविधान पठन और संबोधन के बाद आदिवासी समाज के उत्कृष्ठ विद्यार्थियों,किसानों व समाज प्रमुखों को सम्मानित किया जाएगा।
‘‘विश्व आदिवासी दिवस का आयोजन शांतिपूर्ण और समाज में जागरूकता के उद्देश्य से किया जा रहा है। इसमें सिर्फ जिलेवासी शामिल होगें। आयोजन को लेकर जो भी आरोप लगाएं जा रहे हैं,पूरी तरह से निराधार है।’’
वाल्टर कुजूर,ब्लाक अध्यक्ष,छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज।
