जशपुरनगर। कांग्रेस के सांसद अधीर रंजन चौधरी के राष्ट्रपति को लेकर दिए गए विवादित बयान के बाद पूरे देश भर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है।अब इसकी आग जिले में भी लगनी शुरू हो गई ,जब एक कांग्रेस के कार्यकर्ता ने अपने फेसबुक पोस्ट में आपत्तिजनक पोस्ट कर दी।पोस्ट में जनजातीय महिलाओं ने कड़ा विरोध जताते हुए कांग्रेस के कार्यकर्ता के खिलाफ कार्यवाही के लिए आजाक थाना पहुंचकर लिखित शिकायत करते हुए कड़ी कार्यवाही की मांग की है।महिलाओं ने आवेदन पत्र सौंपते हुए बताया की सैफ कुरेशी कांग्रेस कार्यकर्ता जशपुर के द्वारा देश मे पहली बार अनुसूचित जनजाति वर्ग से बनी महामहिम राष्ट्रपति के सम्मान को तथा भारत के संवैधानिक व्यवस्था का उपहास उड़ाते हुए राष्ट्रपति को राष्ट्रपत्नी बोलते हुए राष्ट्रपति की संस्कृति अर्थात हमारी जनजातियों की संस्कृति का अपमान करते हुए नारियों को पैर की जूती कहते हुए जनजातिय संस्कृति को अपमानित करते हुए फेसबुक में दिनांक 28/7/2022को डाले गए पोस्ट पर संज्ञान लेते हुए scst एक्ट सहित अन्य धाराओं में कठोर कानूनी कार्यवाही की मांग करते हुए कहा की भारत सरकार ने आजादी के 75 वर्षों के बाद पहली बार किसी अनुसूचित जनजाति वर्ग की महिला को राष्ट्रपति के पद पर सुशोभित किया है। अनुसूचित जनजाति वर्ग की महिला के राष्ट्रपति बनने पर कुछ विशेष वर्ग के लोगों को यह निर्णय पच नहीं पा रहा है और कुछ लोग जिसमें कांग्रेस के सांसद अधीर रंजन चौधरी के द्वारा दिल्ली में राष्ट्रपति जैसे सम्मानित संवैधानिक शब्द का यह जानते हुए कि उक्त पद पर एक जनजातीय वर्ग की महिला पदस्थ है उसे अपमानित करते हुए तथा संविधान विरोधी एवं असंसदीय शब्द राष्ट्रपत्नी कहते हुए उक्त संवैधानिक पद का उपहास उड़ाया गया है ।महोदय अधीर रंजन चौधरी के उक्त वक्तव्य से प्रभावित होकर जसपुर के एक कांग्रेसी कार्यकर्ता सैफ कुरेशी के द्वारा दिनांक 28/7/ 2022 को अपने फेसबुक पर पोस्ट डालते हुए यह कहना कि राष्ट्रपति को राष्ट्रपत्नी कहने पर क्या एतराज है तथा उनके आदिवासी संस्कृति का अपमान करते हुए यह कहा जाना कि आप जिस महान संस्कृति की कसमें खाते हैं उसमें पत्नी पति के पांव की जूती ही है तथा यह कहना कि पत्नी एक अपमानित शब्द है जो घोर आपत्ती जनक है। तथा जनजातीय संस्कृति का भी अपमान है।क्योकि जनजातिय संस्कृति में पत्नी को देवी स्वरूप माना जाता है। महोदय सैफ कुरेशी के द्वारा यह जानते हुए की वर्तमान राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुरमू अनुसूचित जनजाति वर्ग की सदस्य हैं और राष्ट्रपति शब्द को संबोधित करते हुए जनजातीय संस्कृति को भी अपमानित करते हुए उक्त पोस्ट डाला गया है जिसे पढ़कर हम सभी जनजातीय वर्ग की महिलाएं काफी आहत हैं तथा हमारी संस्कृति को भी अपमानित करते हुए उक्त पोस्ट डाल कर न केवल उक्त गलत तथ्यों को प्रचारित किया जा रहा है बल्कि दो वर्गों के बीच विद्वेष फैलाने और समाज मे अशान्ति फैलाने का कार्य किया गया है। जिससे क्षुब्ध होकर हम सभी महिलाएं संयुक्त रूप से यह शिकायत पत्र प्रस्तुत कर निवेदन करती हैं कि सैफ कुरेशी के विरुद्ध अनुसूचित जाति जनजाति अधिनियम सहित अन्य धाराओं के तहत कठोर कानूनी कार्यवाही किया जाए ताकि भविष्य में कोई भारत के संवैधानिक पद एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग की संस्कृति परंपरा को अपमानित करने का दुस्साहस ना कर सके।

