जशपुरनगर | 13 अप्रैल 2026 जशपुर जिला प्रशासन ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाते हुए एक बड़ी कार्यवाही की है। जिला चिकित्सालय जशपुर में कार्यरत ड्रेसर श्री किशोर कुमार चौहान को रिश्वत लेने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया गया है।
*क्या है पूरा मामला?*
बीते 09 अप्रैल 2026 को सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था। इस वीडियो में ड्रेसर किशोर कुमार चौहान एक हितग्राही से चिकित्सा प्रतिपूर्ति (Medical Reimbursement) के बिल पास कराने के बदले खुलेआम रुपयों का लेन-देन करते नजर आ रहे थे। वीडियो के सार्वजनिक होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया और विभाग की छवि पर सवाल उठने लगे थे।
*निलंबन और विभागीय कार्यवाही..!*
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने मामले की गंभीरता को देखते हुए वायरल वीडियो को प्रथम दृष्टया साक्ष्य माना। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि श्री चौहान का यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के विपरीत है और ‘गंभीर कदाचरण’ की श्रेणी में आता है।
नियम के तहत कार्यवाही: सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण, अपील) नियम 1966 के नियम-9 के तहत उन्हें निलंबित किया गया है।
मुख्यालय में परिवर्तन: निलंबन की अवधि के दौरान श्री चौहान का मुख्यालय जिला अस्पताल से हटाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, पत्थलगांव निर्धारित किया गया है।
नियमानुसार, निलंबन की अवधि में उन्हें केवल जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
भ्रष्टाचार पर कड़ा संदेश
इस कार्यवाही के बाद जिला चिकित्सालय के अन्य कर्मचारियों और अधिकारियों में हड़कंप की स्थिति है। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि शासकीय कार्यों में पारदर्शिता अनिवार्य है और किसी भी स्तर पर वसूली या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
