जशपुरनगर. बीते कुछ दिनों से शहर सहित जिले के विभिन्न हिस्सों में गुड़हल सहित अन्य पौधों में कीट प्रकोप फैला हुआ है। इस सफ़ेद कीट की चपेट में आकर पौधों के फूल, पत्तियां व शाखाएं सूख जा रहीं हैं। अगर समय रहते इसका उपचार नहीं किया गया तो यह सफ़ेद सूक्ष्म कीट पूरी बगिया को वीरान कर देगा। सबसे ज्यादा इसका प्रकोप गुड़हल में ही देखा जा रहा है। इसके अलावा गुलाब, हरसिंगार, लीची सहित अन्य पौधे भी इसकी चपेट में है।
बसंत विहार निवासी संजीव शर्मा, दरबारी टोली निवासी कमल यादव ने बताया कि फूलों के पौधों में सफेद रंग की फफूंद लग रही है। धीरे-धीरे फूल और पत्तियों के साथ उसकी शाखाएं भी सूख जा रहीं हैं। उन्होंने कहा कि यह बीमारी तेजी से फैल रही है। गुड़हल में इसके फैलने की अधिक शिकायत है। उन्होंने बताया कि आम के पौधों में भी फंगस लग रहा है, पर वह बहुत कम मात्रा में है।
*कौन सा है यह कीट*
युवा वैज्ञानिक व वैदिक वाटिका के संचालक समर्थ जैन ने बताया कि इस कीट का नाम मिली बग (mealy bug) है। यह पौधों की पत्तियों और तने पर चिपक कर उसका सेप ( रस ) चूसते हैं। इसके कारण पौधे को पोषक तत्व नहीं मिल पाते। पौधे का विकास रूक जाता है। पत्तियाँ पीली होकर सूख जाती हैं। उन्होंने बताया कि मिली बग शहद जैसा चिपचिपा पदार्थ मल के रूप मे छोडते हैं । इसके कारण दूसरे कीड़े आकर्षित होते हैं । इससे फफूंद भी पैदा होती है जो पौधे के लिए बहुत नुकसान देह होती है । अधिक संख्या में मिलीबग होने पर पौधा पूरी तरह नष्ट हो सकता है।
*ऐसे करें उपचार*
समर्थ जैन ने कहा कि जिस टहनी में यह कीट दिखे, उस टहनी को काट दें। अगर स्थिति ऐसी है कि टहनी काटते न बने, तो धीरे-धीरे उसमें पानी डालकर हल्के हाथों या कपड़े से उसे रगड़ दें। इससे यह प्रकोप दूर हो जाएगा। इसके बाद नीम से निर्मित जैविक कीटनाशक का छिड़काव करें। इससे यह बीमारी नहीं होगी।