जशपुरनगर। जिले के वरिष्ठ समाजसेवी, मीसा बंदी एवं लोकतंत्र सेनानी महावीर प्रसाद जैन का निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही जैन समाज सहित पूरे जशपुर जिले में शोक की लहर दौड़ गई। शहर और आसपास के क्षेत्रों में उन्हें श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लग गया।
बताया जाता है कि स्वर्गीय महावीर प्रसाद जैन आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले प्रमुख लोकतंत्र सेनानियों में शामिल थे। उस कठिन दौर में उन्होंने अपने सिद्धांतों से समझौता किए बिना लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए आवाज बुलंद की थी। इसी कारण उन्हें मीसा (MISA) के तहत बंदी बनाकर जेल भेजा गया था। कठिन परिस्थितियों और यातनाओं के बावजूद वे लोकतंत्र और जनाधिकारों के प्रति अपने संकल्प पर अडिग रहे।
जशपुर जिले में वे एक सम्मानित और सक्रिय सामाजिक व्यक्तित्व के रूप में पहचाने जाते थे। जैन समाज के धार्मिक आयोजनों, सामाजिक कार्यक्रमों और जनहित से जुड़े कार्यों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहती थी। वे हमेशा समाज को संगठित रखने और आपसी भाईचारे को मजबूत करने के लिए प्रयासरत रहते थे।
उनका स्वभाव अत्यंत सरल, विनम्र और मिलनसार था, जिसके कारण समाज के सभी वर्गों में उन्हें विशेष सम्मान प्राप्त था। जरूरतमंदों की सहायता, सामाजिक एकता और धार्मिक मूल्यों के संरक्षण के लिए उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है।
उनके निधन की खबर मिलते ही जिले के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, जैन समाज के पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में लोगों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। लोगों ने उन्हें लोकतंत्र का सच्चा प्रहरी, समाज का मार्गदर्शक और प्रेरणादायी व्यक्तित्व बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
स्वर्गीय महावीर प्रसाद जैन के निधन से जशपुर जिले ने एक ऐसे सजग समाजसेवी और लोकतंत्र सेनानी को खो दिया है, जिन्होंने अपना पूरा जीवन लोकतांत्रिक मूल्यों, सामाजिक समरसता और जनसेवा के लिए समर्पित कर दिया। उनका जीवन संघर्ष, सेवा और समर्पण की मिसाल के रूप में हमेशा याद किया जाएगा।
