*जशपुर।* मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय का एक वर्ष का कार्यकाल पूरा हो गया है। इस एक वर्ष के दौरान जिले में जनसेवा और विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यों को गति मिली है। ग्रामीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में जिला पंचायत द्वारा कई पहल की गई हैं, जिनका सीधा लाभ ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को मिल रहा है।
जिला पंचायत अध्यक्ष के रूप में सालिक साय ने अपने कार्यकाल में ग्रामीण क्षेत्रों की मूलभूत समस्याओं को प्राथमिकता दी। पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई गांवों में योजनाओं को स्वीकृति दिलाई गई। इसके साथ ही किसानों की सुविधा और उन्नत कृषि कार्यों को बढ़ावा देने के लिए सिंचाई साधनों के रूप में एनीकेट निर्माण की स्वीकृति भी दिलाई गई है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में लो वोल्टेज की समस्या को दूर करने के लिए लुड़ेग में विद्युत सब स्टेशन की स्वीकृति दिलाने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से हाट-बाजार शेड की स्वीकृति, आंगनबाड़ी केंद्रों और सामुदायिक भवनों के निर्माण जैसे कई कार्यों को भी प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया गया है। इन योजनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार हुआ है और स्थानीय लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलने लगी हैं।
सालिक साय का राजनीतिक जीवन भी संघर्ष और जनसेवा से भरा रहा है। उन्होंने वर्ष 1994 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की। युवावस्था से ही वे संगठनात्मक कार्यों में सक्रिय रहे और लगातार सामाजिक व राजनीतिक गतिविधियों में भाग लेते रहे। स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में उन्होंने राजनीति की बारीकियों को सीखा और संगठन में अपनी पहचान बनाई।
इसके बाद उन्होंने भारतीय जनता युवा मोर्चा के सदस्य, मंडल मंत्री, जनपद पंचायत कांसाबेल के अध्यक्ष, जिला पंचायत सदस्य तथा कृषि स्थायी समिति के सभापति जैसे कई महत्वपूर्ण दायित्व निभाए। वर्ष 2023 में वे भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष भी रहे, जहां उन्होंने संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय की कार्यशैली जमीन से जुड़ी हुई है। वे लगातार गांवों का दौरा कर लोगों की समस्याएं सुनते हैं और उनके समाधान के लिए प्रयास करते हैं। उनकी सादगी, सहजता और जनता से सीधा संवाद ही उनकी सबसे बड़ी पहचान बन गई है।
एक वर्ष के इस कार्यकाल में जनहित और विकास से जुड़े कई निर्णयों के कारण जिले में विकास कार्यों को नई गति मिली है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि आने वाले समय में भी इसी तरह जनकल्याण और विकास के कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा।
