जशपुरनगर । प्रदेश के मुखिया श्री विष्णुदेव साय अपने 62 वाँ जन्मदिन मनाने अपने निजी निवास पहुंचेंगे,निर्धारित समय अनुसार सुबह 9 बजे राजधानी रायपुर से हेलीकॉप्टर द्वारा बगिया के लिए रवाना होकर ,सुबह 10:30 बजे बगिया पहुंचेंगे।तथा सड़क मार्ग से दोकड़ा में स्थित प्राचीन श्री जगन्नाथ मंदिर पहुंच कर पूजा अर्चना कर आशीर्वाद लेंगे।इसके पश्चात बगिया निजी निवास में श्री सत्यनारायण व्रत कथा श्रवण कर अपनी माँ का आशीर्वाद लेकर परिवार जन एवं अपने शुभचिंतकों के साथ केट काट कर जन्मदिन मनायेंगे।
छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक वादियों के बीच स्थित जशपुर जिले के ग्राम बगिया में 21 फरवरी 1964 को जन्मे मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज जनविश्वास, सरलता और विकासशील नेतृत्व के प्रतीक बन चुके हैं। आदिवासी अंचल से निकलकर प्रदेश के सर्वोच्च दायित्व तक पहुँचना उनकी संघर्षशील यात्रा और जनसमर्पित राजनीति का सशक्त उदाहरण है। दो वर्षों के अपने मुख्यमंत्रित्व काल में उन्होंने प्रदेश में विकास की नई दिशा निर्धारित की है। उनकी कार्यशैली में सहजता, संवेदनशीलता और दूरदर्शी सोच का संतुलित समन्वय दिखाई देता है। वे उन जननेताओं में से हैं जो सत्ता को सेवा का माध्यम मानते हैं।
*पंच से मुख्यमंत्री तक : जनविश्वास की सतत यात्रा* –
श्री विष्णु देव साय का राजनीतिक जीवन स्व कुमार दिलीप सिंह जूदेव जी के सानिध्य में जमीनी स्तर से प्रारंभ हुआ। वर्ष 1989 में ग्राम पंचायत बगिया से पंच के रूप में सार्वजनिक जीवन में प्रवेश करने वाले साय वर्ष 1990 में निर्विरोध सरपंच चुने गए। इसके पश्चात उन्होंने तपकरा विधानसभा क्षेत्र से मध्यप्रदेश विधानसभा के सदस्य के रूप में (1990-1993, 1993-1998) जनप्रतिनिधित्व किया। लोकसभा में रायगढ़ क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हुए वे 13वीं, 14वीं, 15वीं और 16वीं लोकसभा के सदस्य रहे। वर्ष 2014 से 2019 तक उन्होंने भारत सरकार में इस्पात, खान, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय में केंद्रीय राज्य मंत्री के रूप में दायित्व निभाया। भारतीय जनता पार्टी छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में भी उन्होंने संगठन को सशक्त किया। 3 दिसंबर 2023 को कुनकुरी विधानसभा से विधायक निर्वाचित होने के बाद 13 दिसंबर 2023 को उन्होंने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की।
*प्रदेश की जनता के हित में लिए ऐतिहासिक निर्णय* –
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है। इस निर्णय से प्रदेश के लाखों किसानों को सीधा आर्थिक लाभ मिला है और कृषि क्षेत्र को नई मजबूती प्राप्त हुई है। उनकी प्राथमिकता में किसान, गरीब और ग्रामीण समाज सदैव अग्रणी रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा अब तक 26 लाख आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिससे हजारों परिवारों के पक्के घर का सपना साकार हो रहा है। इसी प्रकार महतारी वंदन योजना के माध्यम से 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। यह पहल महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हो रही है।
*जननेता की पहचान : सरलता और संवाद* –
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहचान एक ऐसे जननेता के रूप में है जो सहज उपलब्ध रहते हैं। आदिवासी पृष्ठभूमि से आने के कारण वे ग्रामीण जीवन की चुनौतियों और आवश्यकताओं को गहराई से समझते हैं। यही कारण है कि उनकी योजनाओं में गांव, किसान, महिला और युवा केंद्र में दिखाई देते हैं। अपने दो वर्षों के कार्यकाल में मुख्यमंत्री साय ने प्रशासनिक पारदर्शिता, जनसुनवाई, योजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन और बुनियादी ढांचे के विकास को प्राथमिकता दी है। उनका लक्ष्य छत्तीसगढ़ को आत्मनिर्भर, समृद्ध और विकसित राज्य के रूप में स्थापित करना है।आज उनके जन्मदिवस के अवसर पर यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि बगिया की धरती से निकला यह सपूत प्रदेश के विकास की नई गाथा लिख रहा है। सज्जनता, सहृदयता और संकल्प से परिपूर्ण उनका नेतृत्व छत्तीसगढ़ को निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर कर रहा है।
