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*जैविक खेती को मिलेगा बढ़ावा, रासायनिक खादों की जगह, गौठान में निर्मित बायोकंपोस्ट से लहलहायेगी बाड़ी…..*

 

जशपुरनगर। कलेक्टर रितेश अग्रवाल के दिशानिर्देशों के अनुरूप एवं जिला पंचायत सीईओ के एस मण्डावी के मार्गदर्शन में जिले के समस्त नोडल अधिकारियों की समीक्षा लेकर 6,7,8 अप्रेल को गौठान ग्राम में कार्यो की स्थितियों का अवलोकन करने ग्राम पंचायतों में जल सुबिधा, बिजली बिल एव पर्याप्त बिजली, शैक्षिणिक संस्थानों, आश्रमो छात्रा वासो के निरीक्षण एव कमियों को पूरा करने के निर्देश दिए थे,
गोठनो में संचालित हो रही मल्टी एक्टिविटी बाड़ी विकास एवं चारागाह के समुचित क्रियान्वयन हेतु कार्य योजना तैयार कर सुचारू रूप से संचालन करने के निर्देश दिए थे उक्त क्रम में आज ग्राम पंचायत सोनक्यारी में सामुदायिक जागरूकता हेतु शासन की विभिन्न योजना के सुचारू संचालन एवं अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने हेतु जागरूकता रैली का आयोजन किया गया जागरूकता रैली के माध्यम से गौठान की महत्वता स्वयं सहायता समूह की महिलाओं का आजीविका संवर्धन चारागाह की महत्वता गौठान ग्राम की उन्नति गोबर क्रय विक्रय से लाभांश के साथ स्वच्छता मनरेगा अंतर्गत किए जा रहे कार्य खाद्यान्न वितरण के बारे में जागरूक किया गया जागरूकता
रैली में नोडल अधिकारी राजेश जैन सरपंच श्री मति अमरावती भगत ब्लॉक समन्वयक दीपक साहू ,पी आर पी रेहना खातून, सावित्री बुनकर , प्रमिला, सुगन्धि, इन्ड्रेसरी आँगनवाड़ी कार्यकर्ता,भूखी बाई वार्ड पंच रकम्युनि,सुखमयत ,आराधना , नोहर बुनकर के साथ स्व सहायता समूह की महिलाएं ग्रामीण उपस्थित रहे

नोडल अधिकारी राजेश जैन ने गौठान समिति के सदस्यों, स्व सहायता समूह की महिलाओं उपस्थित ग्रामीणों को , प्रोजेक्टर के माध्यम से गौठान संचालन नरवा प्रबंधन , गौधन न्याय योजना , बाड़ी विकास , उन्नत फसल , एव आजीविका सम्बर्धन के संदर्भ में लघु फिल्मों के माध्यम से जानकारी दी , जिसका उद्देश्य सोनकयारी गौठान को जिले की आदर्श गौठान के रूप में विकसित कर सोनकयारी को आदर्श एव विकसित ग्राम पंचायतों में सुमार करना है।
राजेश जैन ने स्कूलों आँगन वाड़ी केन्दों और छात्रा वास का औचौक निरीक्षण किया,
बच्चों से स्वच्छता पर चर्चा, की संस्थानों के शौचालयों के नियमित उपयोग एव साफ सुथरे रखने हेतु निर्देश दिए।
स्वच्छता चौपाल के माध्यम से नरवा प्रबंधन से होने वाले लाभ ,जैसे भूजल स्तर में बृद्धि जल की पर्याप्ता, एव मछली पालन जैसे व्यसाय में व्रद्धि हो सकती है। साथ ही वाड़ी से व्यसाय स्थापित कर आर्थिक रूप से समृद्ध हो सकते है, वर्मी खाद की उपयोगिता को भी बतलाया गया तो वही रासानिक खादों के दुष्प्रभाव को विस्तार से बताया
कृषि की उत्तम उपजाऊ हेतु जैविक वर्मीकम्पोस्ट खाद बहुत उपयोगी है इसे गौतनो से खरीद कर जमीन को बंजर होने से बचाया जा सकता है।

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