कांसाबेल।पंचायत सचिव संघ द्वारा अब काम बंद कलम बंद के बाद आज सोमवार से भूख हड़ताल शुरू कर दी है।पुरे प्रदेश भर में सचिव संघ के हड़ताल से पंचायत स्तर के सभी विकास कार्य पूरी तरह से ठप पड़ गई है।कांसाबेल के पंचायत सचिव संघ के रूपनारायण सिदार,दिलेश्वर सिदार,अमर सिदार,रामकुमार साय, मलक साय क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठे।संघ की ओर से भूख हड़ताल पर बैठने वालों का हार पहनाकर उत्साहवर्धन किया गया। पंचायत सचिव संघ के ब्लाक अध्यक्ष हेमलता सिंह ने बताई कि पंचायत सचिव संघ द्वारा एक सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं,लेकिन जब तक उनकी मांग पूरी नहीं हो जाती है तब तक भूख हड़ताल जारी रहेगा,आज सोमवार 24 अप्रैल से रोजाना धरना स्थल पर पांच पंचायत सचिव भूख हड़ताल पर बैठेंगे,उनका कहना है की इसके बाद भी यदि हमारी मांग पूरी नहीं होती है तो आंदोलन की रूपरेखा आमरण अनशन कर आत्मदाह भी करेंगे।गौरतलब है की छत्तीसगढ़ प्रदेश पंचायत सचिव संगठन की प्रदेश स्तरीय बैठक दिनांक 23.04.23 हरडीहा साहू भवन अमलेश्वर रायपुर में हुआ,जिसमें प्रदेश के सभी जिला के जिला अध्यक्ष सहित सभी पदाधिकारी उपस्थित रहे,उपस्थित सभी सदस्यों द्वारा लंबित मांग परिवीक्षा अवधि पश्चात शासकीय करण को लेकर प्रगतिरत आंदोलन को और उग्र करते हुए 24 अप्रैल से क्रमिक भूख हड़ताल में बैठने का निर्णय लिया गया था।विगत 16 मार्च से ब्लॉक मुख्यालय में काम बंद कलम बंद हड़ताल पर बैठे हुए हैं, हड़ताल का 39 दिन पूर्ण होने के बाद भी शासन प्रशासन द्वारा वार्तालाप नहीं करने के कारण सचिवों में रोष व्याप्त है, पंचायत सचिव के हड़ताल में चले जाने से शासन की महत्वकांक्षी योजना सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण, बेरोजगारी भत्ता फार्म ,राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन मजदूर न्याय योजना ,किसान न्याय योजना ,गोबर खरीदी, रिपा कार्य, गौठान के समस्त कार्य ,मनरेगा के कार्य ,जन्म मृत्यु पंजीयन ,राशन कार्ड ,प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास, सामाजिक सहायता कार्यक्रम अंतर्गत वृद्धा पेंशन ,विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन, सामाजिक सुरक्षा पेंशन ,सुखद सहारा पेंशन, मुख्यमंत्री पेंशन ,राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना ,श्रद्धांजलि योजना, पेयजल आपूर्ति,शौचालय निर्माण ,वन अधिकार पट्टा वितरण ,स्वामित्व योजना सर्वेक्षण ,ग्राम सभा ,बजट निर्माण, समस्त निर्माण कार्य एवं वित्तीय वर्ष के अंतिम होने से लेखा-जोखा के कार्य पूर्ण रूप से प्रभावित है।कांसाबेल के जनपद पंचायत सचिव संघ हेमलता सिंह ने कही की शासन/प्रशासन द्वारा पंचायत सचिवों के शासकीय करण के संबंध में कोई पहल नहीं करते हुए 24 घंटा में वापस लौटने का अल्टीमेटम जारी किया गया था जिसे ब्लॉक स्तरीय धरना स्थल में आदेश की प्रति को जलाकर विरोध प्रदर्शन किया गया।यदि हमारी मांगों पर शासन प्रशासन द्वारा गंभीरतापूर्वक विचार नहीं किया जाता है तो उग्र आंदोलन करते हुए भूख हड़ताल ,आमरण अनशन करने के लिए संगठन बाध्य होगा,इसके बाद भी मांग पूरी नहीं होती है तो आत्मदाह तक करने का निर्णय लिया है।
