जशपुरनगर। बांकी नदी के अस्तित्व को बचाने की भावी कार्ययोजना तैयार करने के लिए बुधवार को जिला पंचायत के सभागार में कलेक्टर रितेश अग्रवाल ने शहरवासियों और प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त बैठक ली। इस बैठक में बांकी नदी की सफाई और विलुप्त हो चुकी नदी की धारा की चौड़ाई को वापस लौटाने पर विस्तार से चर्चा हुई। इस दौरान पेडों की अवैध कटाई रोकने के उपाय पर भी चिंतन किया गया। बैठक में कलेक्टर ने बांकी नदी से उदगम स्थल सिटोंगा से लेकर जशपुर तक नदी के किनारे की जमीन का सर्वे करने का निर्देश राजस्व विभाग को दिया है ताकि अतिक्रमण की स्थिति स्पष्ट हो सके। कलेक्टर ने नदी को संरक्षित करने के लिए इसे जन आंदोलन का रूप देने का सुझाव देते हुए,नदी के प्रवाह क्षेत्र में शामिल गांव के स्थानीय लोगों को आंदोलन से जुड़ने और स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया। वही,नगरपालिका ने गम्हरिया पुल और हाउसिंग बोर्ड के आसपास कचरे की डपिंग को बंद कर,सफाई कराने की बात कही है। चर्चा की शुरूआत करते हुए,कलेक्टर ने नगरवासियों से बांकी नदी के संरक्षण की कार्ययोजना पर सुझाव मांगा। कृषि वैज्ञानिक समर्थ जैन और समाजिक कार्यकर्ता रामप्रकाश पांडे ने कलेक्टर को बताया कि बुधवार की सुबह,शहरवासी बांकी नदी के तट पर एकजुट हुए थे और नदी का प्राकृतिक प्रवाह की चौड़ाई का वापस लाने और धारा में जमा हुए कचरा,मिट्टी व गाद की सफाई करने का निर्णय लिया है। उन्होनें बताया कि नदी की दुर्दशा को लेकर शहरवासी बेहद चिंतिंत है। और इसकी सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन से सहयोग की अपेक्षा कर रहें हैं। कलेक्टर रितेश अग्रवाल ने बैठक में उपस्थित जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता विजय जामनिक से नदी के बहाव को सुधारने की कार्ययोजना की जानकारी मांगी। ईई ने बताया कि पहले चरण में 2 सौ 80 मीटर लंबी नदी और 4 हेक्टेयर जमीन की सफाई होनी है। इसके लिए जेसीबी,ट्रेक्टर सहित अन्य संसाधनों की आवश्यकता पड़ेगी। इस पर कलेक्टर ने बैठक में उपस्थित जिला ठेकेदार संघ के प्रतिनिधि विदेश मिश्रा से संघ की ओर अभियान में दिए जाने वाले सहयोग की चर्चा की। उन्होनें संघ से जेसीबी और चालक उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। संघ ने इस पर तत्काल सहमति प्रदान की। अभियान को सही दिशा देने के लिए कलेक्टर ने श्रमदान करने के लिए आने वाले नगरवासियों के समूह का सही उपयोग करने के लिए ठोस रणनीति बनाने पर जोर दिया,ताकि जनशक्ती के समय और श्रम का जमीन पर परिवर्तन दिख सके। बैठक में जिले के वरिष्ठ पर्यावरण कार्यकर्ता शिवानंद मिश्रा,रामप्रकाश पांडे,आनंद गुप्ता,आशिष मिश्रा,सुनिल सिन्हा,परमानंद मिश्र,मधु मिश्रा,नीतू गुप्ता,जिला पंचायत के सीईओ केके मंडावी,जल संसाधन विभाग के ईई विजय जामनिक,तहसीलदार अनुप जिंदल,नगरपालिका की सीएमओ ज्योत्सना टोप्पो,मनोज रमाकांत मिश्र सहित अधिकारी व नगरवासी उपस्थित थे।
