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*बादलखोल अभ्यारण्य की सड़क बनी दलदल, कीचड़ में फंसी स्कूली बस; जेसीबी से निकालने की आई नौबत*

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जशपुरनगर। बादलखोल अभ्यारण्य क्षेत्र में सड़कों की बदहाली एक बार फिर सामने आई है। गायलूंगा से बछरांव जाने वाली सड़क बारिश के बाद पूरी तरह कीचड़ और दलदल में तब्दील हो गई है। हालात इतने खराब हैं कि इस मार्ग से गुजर रही स्कूली बस सड़क में फंस गई, जिसे निकालने के लिए जेसीबी की मदद लेनी पड़ी।

तस्वीरों में सड़क की बदहाली साफ नजर आ रही है। जगह-जगह गहरे गड्ढे और कीचड़ के कारण वाहनों का चलना मुश्किल हो गया है। स्कूली बस के फंसने के बाद स्थानीय लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ी और जेसीबी की मदद से बस को बाहर निकाला गया।

*पहले भी ग्राउंड जीरो ई न्यूज़ ने उठाया था सड़क का मुद्दा*

**प्रशासन ने नहीं सुनी पुकार तो उप सरपंच ने सड़क सुधारने की ली जिम्मेदारी, बुनियादी सुविधा को तरस रहा है बादलखोल अभ्यारण्य, बारिश की पहली बूंद के साथ टापू बन जातें हैं कई गांव…**

बादलखोल अभ्यारण्य क्षेत्र की बदहाल सड़कों को लेकर ग्राउंड जीरो ई न्यूज़ ने पहले भी प्रमुखता से खबर प्रकाशित कर प्रशासन और संबंधित विभाग का ध्यान इस समस्या की ओर आकर्षित किया था। उस समय भी ग्रामीणों ने बताया था कि बारिश शुरू होते ही गायलूंगा-बछरांव सहित क्षेत्र के कई मार्गों की स्थिति बेहद खराब हो जाती है और कई गांवों का संपर्क प्रभावित होता है।

इसके बावजूद अब एक बार फिर वही स्थिति सामने है। सड़क की समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने से स्कूली बच्चों और ग्रामीणों की परेशानी जस की तस बनी हुई है।

*शिव बाबा और अर्जुन नागदेव ने जताई चिंता*

गायलूंगा-बछरांव मार्ग की बदहाली को लेकर गायलूंगा के उपसरपंच शिव बाबा और सामाजिक कार्यकर्ता अर्जुन नागदेव ने भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि बारिश के दिनों में सड़क की हालत बेहद खराब हो जाती है, जिससे स्कूली बच्चों, ग्रामीणों और वाहन चालकों को काफी परेशानी होती है। उन्होंने जिम्मेदार विभाग से सड़क की जल्द मरम्मत कराकर स्थायी समाधान की मांग की है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बादलखोल अभ्यारण्य क्षेत्र में सड़क जैसी बुनियादी सुविधा को लेकर लंबे समय से समस्या बनी हुई है। बारिश के दिनों में कीचड़ के कारण स्कूल बस, दोपहिया और अन्य वाहनों के फंसने का खतरा लगातार बना रहता है।

ग्राउंड जीरो ई न्यूज़ द्वारा पहले भी खबर प्रकाशित किए जाने के बावजूद यदि स्थिति जस की तस है, तो यह विभागीय उदासीनता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। ग्रामीण अब सड़क की मरम्मत और आवागमन सुचारु करने के लिए ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

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