*बांकी नदी को पुर्नजीवित करने शहरवासियों ने श्रमदान में बहाया पसीना,उत्साह बढ़ाने मौके पर पहुंचें कलेक्टर व एसपी,कहा सफल होगा प्रयास,देश के लिए बनेगा अनुकरणीय उदाहरण….*

 

 

जशपुरनगर। शहर की सीमा में प्रवाहित होने वाली बांकी नदी को पुर्नजीवित करने के लिए रविवार को शहरवासियों ने श्रमदान अभियान में जमकर पसीना बहाया। श्रमदान में जुटे लोगों को उत्साहित करने के लिए कलेक्टर रितेश अग्रवाल और एसपी राजेश अग्रवाल भी मौके पर पहुंचे।

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अधिकारियों ने नदी को पुर्नजीवित करने के लिए शहरवासियों द्वारा किए जा रहे प्रयास की सराहना करते हुए,विश्वास जताया कि इस जशपुरवासियों का यह भगीरथ प्रयास न केवल सफल होगा,अपितु पूरे देश के लिए अनुकरणीय भी होगा। बीते तीन दिनों से जेसीबी की मदद से नदी की धारा में जमे हुए गाद और कचरे को जेसीबी की मदद से साफ किया जा रहा है। इसके साथ ही राजस्व विभाग द्वारा चिन्हांकित किए गए जमीन तक नदी की धारा के चौड़ीकरण का काम भी तेजी से किया जा रहा है।

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इस दौरान निकले हुए कचरे और मिट्टी को नदी के किनारे से हटाने के लिए रविवार को वृहद श्रमदान कार्यक्रम का आह्वान किया गया था। आह्वान पर शहर के रायगढ़ रोड स्थित संजय निकुंज के समीप स्टाप डेम के पास तड़के 5 बजे से शहर के महिला,पुरूष जुटने लगे थे। सफाई कार्य के लिए बेलचा,तगाड़ी,फावड़ा जैसे संसाधन भी शहरवासियों ने आपसी समंजस्य से जुटाया था। डेम स्थल के किनारे जमा हुए मिट्टी को हटाने के लिए कतार बद्व हो कर नगरवासियों ने इसे ट्रेक्टर में लोड किया और इसे निर्धारित स्थल पर ले जाकर डंप कर दिया गया। लगभग दो घंटे तक चले श्रमदान से डेम का घाट पूरी तरह से साफ हो गया। नदी संरक्षण अभियान की सफल होता देख कर,अभियान से जुड़े शहरवासियों के चेहरे पर उत्साह साफ नजर आ रहा था। जानकारी के लिए बता दें कि शहर की जीवन रेखा कही जाने वाली बांकी नदी को पुर्नजीवित करने के लिए शहरवासियों ने अभियान शुरू किया है। बीते एक सप्ताह से चल रहे इस अभियान का पहला चरण पन्द्रह दिन में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस दौरान गम्हरिया पुल से स्टाप डेम तक लगभग 2 सौ 80 मीटर लगी नदी और 4 हेक्टेयर तट की सफाई होनी है। इसके लिए जिला प्रशासन के साथ ठेकेदार संघ और कई सामाजिक संगठन भी इस अभियान में योगदान दें रहें हैं।

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