जशपुरनगर. बुधवार को वायुसेना के ग्रुप कैप्टन व अंतरिक्ष यात्री अशोक चक्र विजेता शुभांशु शुक्ला का संगवारी अंतरिक्ष कार्यक्रम के तहत जशपुर आगमन हुआ। शहर के रणजीता स्टेडियम में उनका भव्य स्वागत समारोह हुआ और उन्होंने बच्चों से चर्चा की और उनके सवालों के जवाब दिए। श्री शुक्ला को अपने बीच पाकर बच्चे गौरवान्वित थे।
यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा और उत्साह से भरा अनुभव सिद्ध हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत में डीपीएस के विद्यार्थियों ने पारंपरिक लोकगीत के साथ किया। विद्यालय की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत मनमोहक स्वागत नृत्य ने पूरे वातावरण को उल्लासमय बना दिया। नृत्य की लय, भाव-भंगिमा और अनुशासन ने ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अत्यंत प्रभावित किया। इसके पश्चात विद्यार्थियों ने प्रश्नोत्तरी संवाद के माध्यम से श्री शुक्ला से विभिन्न विषयों पर संवाद किया। विद्यार्थियों के सार्थक प्रश्नों और अतिथि द्वारा दिए गए प्रेरक उत्तरों ने इस सत्र को अत्यंत ज्ञानवर्धक बना दिया।
प्रश्नोत्तरी संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने शिक्षा, जीवन मूल्यों, लक्ष्य निर्धारण और निरंतर परिश्रम जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने सवाल रखे। जिसका प्रेरणादायक जवाब श्री शुक्ला ने दिया। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता के लिए आत्मविश्वास, अनुशासन और सकारात्मक सोच सबसे आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य के प्रति ईमानदार रहने और कठिनाइयों से घबराने के बजाय उनसे सीख लेने की प्रेरणा दी।
*छात्र ने भेंट किया रेखाचित्र*
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण कक्षा 10 के छात्र शौर्य द्वारा बनाया गया सुंदर रेखाचित्र रहा। शौर्य ने अपनी कला प्रतिभा का परिचय देते हुए शुभांशु शुक्ला का आकर्षक रेखाचित्र तैयार किया, जिसे मंच पर ससम्मान उन्हें भेंट किया गया। इस अवसर पर अतिथि ने शौर्य की कला की सराहना करते हुए कहा कि विद्यार्थियों की ऐसी रचनात्मक प्रतिभा विद्यालय की उत्कृष्ट शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक परंपरा को दर्शाती है। वहीं 4 थी की छात्रा इप्शिता पाठक ने शुभांशु शुक्ला से सवाल किया, जिसकी सराहना श्री शुक्ला ने की।
*डीपीएस के लिए अविस्मरणीय पल*
शुभांशु शुक्ला का आगमन एवं यह आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक सार्थक पहल भी सिद्ध हुआ। डीपीएस के विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में अपनी रचनात्मक भूमिका निभाई। स्कूल परिवार के लिए यह दिन सदैव स्मरणीय रहेगा।
