जशपुरनगर। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर अखिल भारतीय कंवर धाम स्थित श्री राधा-कृष्ण मंदिर, पमशाला में शुक्रवार को भव्य श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव का आयोजन किया गया। धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय नजर आया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में समाज के लोग, श्रद्धालु एवं महिलाएं शामिल हुईं और भगवान श्रीकृष्ण की आराधना कर सुख-समृद्धि की कामना की।कार्यक्रम की शुरुआत भगवान श्री राधा-कृष्ण की विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुई। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप लड्डू गोपाल को झूला झुलाया और श्रद्धापूर्वक पूजा की। इस दौरान लड्डू गोपाल को माखन-मिश्री का भोग लगाया गया। मंदिर परिसर में भक्ति गीतों, भजनों और श्रीकृष्ण के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।इस मौके पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे। श्रीमती साय ने भी भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया और लड्डू गोपाल को झूला झुलाया। श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और भक्तिभाव के साथ जन्माष्टमी पर्व मनाया।
*मटकी फोड़ आयोजन ने बढ़ाया उत्साह*
जन्माष्टमी महोत्सव के दौरान मटकी फोड़ कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। मटकी फोड़ने के लिए श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। आयोजन स्थल पर मौजूद लोगों ने उत्साहवर्धन किया और श्रीकृष्ण के जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा। मटकी फोड़ कार्यक्रम ने जन्माष्टमी के उत्सव में खास रंग भर दिया।
*कथा वाचन से सुनाया भगवान श्रीकृष्ण का संदेश*
महोत्सव में कथा वाचक राजकुमारी तिवारी जी ने भगवान श्रीकृष्ण की महिमा एवं उनके जीवन से जुड़े प्रसंगों का कथा वाचन किया। कथा के दौरान श्रद्धालु भक्तिभाव से कथा सुनते रहे। वहीं पंडित केयूर भूषण तिवारी जी के मार्गदर्शन में धार्मिक कार्यक्रम संपन्न कराए गए।
इस अवसर पर श्रीमती कौशल्या साय ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी केवल धार्मिक पर्व ही नहीं, बल्कि यह हमें प्रेम, सत्य, धर्म और कर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। ऐसे आयोजनों से समाज में धार्मिक एवं सांस्कृतिक एकता मजबूत होती है तथा भगवान श्रीकृष्ण के आदर्श एवं संदेश जन-जन तक पहुंचते हैं।
महोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं। पूजा-अर्चना, झूला झुलाने, माखन-मिश्री के भोग, कथा वाचन और मटकी फोड़ सहित विभिन्न कार्यक्रमों के साथ जन्माष्टमी महोत्सव हर्षोल्लास एवं भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ।
