जशपुरनगर/कोतबा:- शिक्षा विभाग में अनुशासनहीनता और लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है। ताजा मामला जशपुर जिले के विकासखंड पत्थलगांव का है, जहां एक सहायक शिक्षक को लंबी अनुपस्थिति और विभागीय आदेशों की अवहेलना करने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
*क्या है पूरा मामला?*
शासकीय प्राथमिक शाला डांगुडीह (पत्थलगांव) में पदस्थ सहायक शिक्षक (एल.बी.) श्री रजत कुमार तिर्की पिछले कई महीनों से बिना किसी पूर्व सूचना या स्वीकृत अवकाश के स्कूल से नदारद थे। विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) की रिपोर्ट के अनुसार, शिक्षक 07 अक्टूबर 2025 से 13 जनवरी 2026 तक लगातार स्कूल से अनुपस्थित पाए गए।
*विभागीय नोटिस का भी नहीं दिया जवाब..!*
शिक्षक की इस मनमानी पर जब विभाग ने 13 जनवरी 2026 को ‘कारण बताओ’ (Show Cause) नोटिस जारी किया, तो उन्होंने उसे स्वीकार करने तक से इनकार कर दिया। संकुल शैक्षिक समन्वयक द्वारा नोटिस तामील कराने की कोशिश की गई, लेकिन शिक्षक का व्यवहार नकारात्मक रहा।
कठोर कार्रवाई के मुख्य बिंदु:
जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) जशपुर द्वारा जारी आदेश के अनुसार, शिक्षक का यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 03 के विपरीत है, जिसे गंभीर कदाचरण माना गया है।
निलंबन: शिक्षक को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 के तहत सस्पेंड कर दिया गया है।
मुख्यालय: निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, पत्थलगांव नियत किया गया है।
भत्ता: नियमानुसार उन्हें केवल जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
*प्रशासन की चेतावनी?*
इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग के अन्य कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि बच्चों की पढ़ाई के साथ खिलवाड़ और बिना सूचना मुख्यालय छोड़ने वाले शिक्षकों पर इसी तरह की गाज गिरती रहेगी।
यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और इसकी प्रतियां लोक शिक्षण संचालनालय, कलेक्टर जशपुर और संयुक्त संचालक (अम्बिकापुर) सहित सभी संबंधित विभागों को भेज दी गई हैं।
