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*CM विष्णुदेव साय के प्रयासों से इतिहास रचने को तैयार जशपुर, पहली बार रेल नेटवर्क से जुड़ेगा जिला, धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा नई रेल लाइन को केंद्र की मंजूरी*

*जशपुरनगर।* जशपुर जिले के विकास इतिहास में 13 जून 2026 का दिन सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया। आजादी के 79 साल बाद जिले को पहली बार रेल नेटवर्क से जोड़ने का सपना साकार होने जा रहा है। *मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के विशेष प्रयासों* से केंद्र सरकार ने धरमजयगढ़–पत्थलगांव–लोहरदगा 291.881 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन परियोजना को विशेष रेल परियोजना के रूप में अधिसूचित कर दिया है।

*CM साय ने पूरा किया वादा:*
लंबे समय से रेल सुविधा से वंचित जशपुर को मुख्यधारा से जोड़ना मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की प्राथमिकता में था। उनके निरंतर प्रयास और केंद्र से समन्वय के बाद रेल मंत्रालय ने भारत के राजपत्र में अधिसूचना जारी कर दी। अधिसूचना जारी होते ही यह परियोजना प्रभावशील हो गई है।

*कहां से कहां तक दौड़ेगी ट्रेन:*
यह ऐतिहासिक रेल लाइन रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ से शुरू होकर जशपुर जिले के पत्थलगांव से होते हुए झारखंड के लोहरदगा तक जाएगी। इसके बनने से जशपुर सीधे छत्तीसगढ़ और झारखंड के बड़े रेल नेटवर्क से जुड़ जाएगा।

*क्या बदलेगा जशपुर में:*
1. *सुदूर वनांचल को मिलेगी रफ्तार:* अब तक सड़क पर निर्भर जशपुर के लोगों को सुरक्षित, सस्ता और तेज रेल सफर मिलेगा।
2. *किसान-व्यापारी मालामाल:* जशपुर का जैविक धान, टमाटर, सब्जी और बागवानी उत्पाद अब ट्रेन से सीधे दिल्ली-मुंबई जैसे बड़े बाजार पहुंचेंगे।
3. *पर्यटन को लगेंगे पंख:* जशपुर के खूबसूरत जलप्रपात और पर्यटन स्थलों तक देशभर के सैलानी आसानी से पहुंच सकेंगे।
4. *शिक्षा-स्वास्थ्य होगा आसान:* छात्र-छात्राओं और मरीजों को बड़े शहरों तक जाने में घंटों की बचत होगी।
5. *रोजगार के नए दरवाजे:* रेल परियोजना के निर्माण और संचालन से हजारों युवाओं को प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।

*PM मोदी के विजन को CM साय ने दिया धरातल:*
यह उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के तहत आधुनिक आधारभूत संरचना के निर्माण और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की जशपुर के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम है। रेल अधिनियम 1989 के तहत सार्वजनिक हित में इस परियोजना को मंजूरी दी गई है।

*जशपुर में जश्न का माहौल:*
अधिसूचना जारी होते ही पूरे जिले में खुशी की लहर दौड़ गई। क्षेत्रवासियों ने इसे दशकों के इंतजार का अंत बताया। लोगों का कहना है कि यह केवल रेल लाइन नहीं, बल्कि जशपुर की तस्वीर और तकदीर बदलने वाली ‘विकास की लाइफलाइन’ है।

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