*जशपुर।* जशपुर पुलिस में अनुशासनहीनता और ड्यूटी से लगातार गायब रहने वाले पुलिसकर्मियों पर कप्तान ने बड़ा चाबुक चलाया है। डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने विभागीय जांच के बाद 5 आरक्षकों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए 3 को सेवा से बर्खास्त कर दिया है, जबकि 2 आरक्षकों की वेतनवृद्धि और पेंशन पर असर डालने वाली सजा दी गई है।
*कार्रवाई का विवरण:*
SP द्वारा पुलिस रेगुलेशन 221(अ) के तहत यह अंतिम आदेश 29 मई 2026 को पारित किया गया। सभी 5 आरक्षक लंबे समय तक बिना सूचना ड्यूटी से गायब रहने के आदी थे। बार-बार मौका देने के बावजूद सुधार न होने पर यह कदम उठाया गया।
*किस पर क्या कार्रवाई:*
1. *आरक्षक 737 संतोष कुमार राम – सेवा से बर्खास्त:* 13 साल की नौकरी में 33 बार कुल 469 दिन गायब। 9 इनाम के मुकाबले 23 सजा मिल चुकी थी। 2023-24 में 106 दिन गायब रहने पर जांच चली थी।
2. *आरक्षक 525 नेल्सन तिग्गा – सेवा से बर्खास्त:* 17 साल की सेवा में 28 बार कुल 923 दिन गैरहाजिर। 27 सजा मिल चुकी हैं। नोटिस के बावजूद जांच में हाजिर नहीं हुआ।
3. *आरक्षक 394 अशोक कुमार एक्का – सेवा से बर्खास्त:* 20 साल की नौकरी में 30 बार कुल 1151 दिन ड्यूटी से गायब। 7 इनाम के मुकाबले 27 सजा मिल चुकी थी।
4. *आरक्षक 47 इरीमियस कुजूर – एक वेतनवृद्धि की कटौती:* 17 साल में 139 दिन गायब। अब संचयी प्रभाव से एक इंक्रीमेंट की राशि कटेगी।
5. *आरक्षक 144 बिंदेश्वर राम – न्यूनतम वेतनमान पर भेजा:* 18 साल में 216 दिन गैरहाजिर। अब एक साल तक न्यूनतम वेतन मिलेगा, जिसका असर पेंशन और भविष्य की वेतनवृद्धि पर भी पड़ेगा।
*SP का सख्त संदेश:*
डीआईजी लाल उमेद सिंह ने साफ कहा कि “पुलिस विभाग में अनुशासनहीनता, उदासीनता और स्वेच्छाचारिता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे पुलिसकर्मियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।”
सभी 5 आरक्षकों पर छत्तीसगढ़ पुलिस रेगुलेशन 64(2) और सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के उल्लंघन का आरोप सिद्ध हुआ है। इस कार्रवाई से जिले के पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
