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*डीपीएस प्राइमरी बालाजी में शिक्षकों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण, हुई अभिभावक-शिक्षक बैठक*

जशपुरनगर। यहां के डीपीएस प्राइमरी बालाजी में शनिवार को अभिभावक-शिक्षक बैठक (पेरेंट्स-टीचर मीटिंग) का सफल आयोजन किया गया। विद्यालय परिसर में आयोजित इस बैठक में बड़ी संख्या में अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति, अनुशासन, व्यवहार तथा सर्वांगीण विकास पर अभिभावकों और शिक्षकों के बीच सार्थक संवाद स्थापित करना था।
बैठक के दौरान विद्यालय की शिक्षिका प्रमिला तिर्की ने “करके सीखो कॉन्सेप्ट” के बारे में बताया। डीपीएस प्राइमरी के बच्चे इसी कॉन्सेप्ट के साथ आगे बढ़ रहे हैं।अभिभावकों को विद्यार्थियों की कक्षा में उनकी सहभागिता, गृहकार्य एवं विभिन्न सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में प्रदर्शन की विस्तृत जानकारी दी गई। शिक्षकों ने विद्यार्थियों की क्षमताओं और सुधार के क्षेत्रों पर भी चर्चा की और अभिभावकों को घर पर बच्चों के अध्ययन और व्यक्तित्व विकास के लिए आवश्यक सुझाव प्रदान किए।
अभिभावकों ने भी विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था और शिक्षण पद्धति की सराहना करते हुए अपने विचार साझा किए। उन्होंने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए विद्यालय और शिक्षकों द्वारा किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की।
*स्कूल और परिवार की समान भूमिका*
इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य जयंती सिन्हा ने अभिभावकों को यह संदेश दिया कि बच्चों की सफलता में विद्यालय और परिवार दोनों की समान भूमिका होती है तथा उनके बीच निरंतर संवाद आवश्यक है।

पेरेंट्स-टीचर मीटिंग के उपरांत विद्यालय में शिक्षकों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण तकनीकों, नवीन शिक्षण पद्धतियों और विद्यार्थियों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रभावी शिक्षण कौशल से परिचित कराना था।
प्रशिक्षण सत्र में विशेषज्ञ प्रशिक्षकों ने शिक्षकों को कक्षा प्रबंधन, रचनात्मक शिक्षण, तकनीकी संसाधनों के उपयोग, विद्यार्थियों की मनोवैज्ञानिक आवश्यकताओं तथा संवाद कौशल से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। शिक्षकों को बताया गया कि वर्तमान समय में शिक्षा केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के समग्र विकास पर विशेष ध्यान देना भी आवश्यक है।
प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न गतिविधियों, समूह चर्चाओं और व्यावहारिक सत्रों का आयोजन किया गया, जिनमें शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उन्होंने नई शिक्षण विधियों को समझा और उन्हें अपने दैनिक शिक्षण कार्य में शामिल करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर शिक्षकों ने अपने अनुभव भी साझा किए और एक-दूसरे से सीखने का अवसर प्राप्त किया।
*प्रोफेशनल विकास में महत्वपूर्ण*
विद्यालय के मैनेजिंग डायरेक्टर ओम प्रकाश सिन्हा ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों के प्रोफेशनल विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इससे शिक्षण की गुणवत्ता में सुधार होता है और विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा प्रदान करने में सहायता मिलती है।
*संबंध होते हैं सुदृढ़*
डीपीएस प्राइमरी बालाजी द्वारा आयोजित यह अभिभावक-शिक्षक बैठक और शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यालय की उत्कृष्ट शैक्षणिक परंपरा का परिचायक है। इस प्रकार के आयोजन न केवल विद्यालय और अभिभावकों के बीच संबंधों को सुदृढ़ करते हैं, बल्कि शिक्षकों को भी समय के साथ स्वयं को विकसित करने की प्रेरणा देते हैं। विद्यालय परिवार ने भविष्य में भी इसी प्रकार के रचनात्मक और उपयोगी कार्यक्रमों के आयोजन का संकल्प व्यक्त किया।

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