जशपुरनगर। सरकार ने देश में पंचायती राज की स्थापना किया ताकि समाज के अंतिम स्तर पर रह रहे लोगों को न्याय मिल सके ,लेकिन उसी पंचायती राज के मुखिया सरपंच को ही न्याय पाने के लिए तीन सालों से भटकना पड़े तो शेष लोगों के साथ क्या हो सकता है यह इस पड़ताल से समझा जा सकता है ।
हम बात कर रहे हैं जशपुर जिले के बगीचा विकासखण्ड के ग्राम पंचायत नन्हेशर की।जंहा के पूर्व सरपंच जगमोहन राम भगत के द्वारा अपने कार्यकाल के दौरान वर्ष 2019-20 में 14 वें वित्त की राशि से सड़क का सुदृढ़ीकरण का कार्य कराया गया था इस हेतु 2,50000 रुपये की तकनीकी स्वीकृति प्रदान की गई थी तथा अग्रिम राशि के रूप एम 1,71000 रुपये का चेक जारी किया गया था ।किंतु उक्त चेक को निरस्त कर दिया गया तथा कराए गए कार्य का भुगतान भी नहीं किया गया ,इसी बीच सत्ता पलट गई और नई पंचायत का गठन हो गया ,तब से पूर्व सरपंच अपने पैसे प्राप्त करने भटक रहा है ।इस बीच पूर्व सरपंच के द्वारा उप संचालक पंचायत को आवेदन भी दिया गया जिसकी जांच करके वर्ष 2021 में ही जनपद सीईओ बगीचा ने राशि भुगतान करने की अनुशंसा कर दी थी ,किन्तु उंसके बाद भी पूर्व सरपंच को भुगतान नहीं हुआ थक हार कर पूर्व सरपंच ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक जशपुर को भी लिखित शिकायत कर कार्यवाही की मांग की किन्तु उक्त शिकायत पर भी आज पर्यंत तक कोई कार्यवाही नहीं हुई ,जबकि शिकायत में कहा गया है कि उसकी राशि का पँचायत के सरपंच सचिव और अधिकारियों के द्वारा गबन कर लिया गया है जो कि एक आपराधिक मामला है किंतु ऐसे प्रमाणित मामले में भी यदि कार्यवाही नहीं होगी तो प्रशासन और किस मामले में कार्यवाही करेगा ?
बहरहाल देखना यह होगा कि पूर्व सरपंच को इस आर्थिक प्रताड़ना से मुक्ति कब मिलेगी और दोषियों के विरुद्ध प्रशासन क्या कार्यवाही करता है ?
पढ़िए पूर्व सरपंच ने शिकायत में क्या लिखा है——-

