जशपुरनगर। यहां के देव पब्लिक स्कूल के कक्षा 1 एवं 2 के नन्हे बच्चों को शनिवार को लावा नदी एनीकेट का भ्रमण कराया गया। वहां जाकर बच्चों ने प्रकृति के महत्व को नजदीक से जाना। स्कूल प्रबंधन ने शैक्षणिक भ्रमण के तहत यह आयोजन किया था। वहां बच्चों ने वनभोज का आनंद भी लिया।
विद्यालय के मैनेजिंग डायरेक्टर ओम प्रकाश सिन्हा ने कहा कि यह वनभोज बच्चों के सर्वांगीण विकास, आपसी मेल-जोल तथा प्रकृति से जुड़ाव को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। कार्यक्रम को लेकर बच्चों में कई दिनों से उत्साह और उमंग देखने को मिल रहा था।
निर्धारित दिन प्रातः सभी बच्चे रंग-बिरंगे परिधानों में विद्यालय पहुँचे। शिक्षकों के मार्गदर्शन में सभी बच्चों को सुरक्षित रूप से वानभोज स्थल तक ले जाया गया। जैसे ही बच्चे हरियाली से घिरे खुले वातावरण में पहुँचे, उनके चेहरे खिल उठे। प्रकृति की गोद में बिताया गया यह समय बच्चों के लिए सीख और मनोरंजन का अनूठा संगम रहा।
वनभोज के दौरान बच्चों के लिए अनेक रोचक खेलों एवं गतिविधियों का आयोजन किया गया। समूह खेलों, दौड़ प्रतियोगिता, संगीत एवं नृत्य गतिविधियों में बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। शिक्षकों ने बच्चों को खेल-खेल में अनुशासन, सहयोग और मित्रता का महत्व समझाया। बच्चों की किलकारियों और हँसी से पूरा वातावरण आनंदमय हो उठा।
खेलकूद के उपरांत बच्चों ने मिल-जुलकर स्वादिष्ट एवं पौष्टिक भोजन का आनंद लिया। सभी बच्चों को स्वच्छता और भोजन को साझा करने की सीख दी गई। शिक्षकों ने बच्चों को भोजन की महत्ता बताते हुए खाने की बर्बादी न करने का संदेश भी दिया। बच्चों ने स्वयं अपने हाथों से भोजन किया और एक-दूसरे के साथ बाँटकर खाने का सुख अनुभव किया।
वनभोज के दौरान बच्चों को प्रकृति के प्रति जागरूक करने का भी प्रयास किया गया। शिक्षकों ने पेड़-पौधों, पक्षियों और पर्यावरण संरक्षण के विषय में सरल शब्दों में जानकारी दी। बच्चों ने आसपास के प्राकृतिक सौंदर्य को निहारा और कई बच्चों ने अपने अनुभव उत्साहपूर्वक साझा किए।
*बच्चों का होता है मानसिक विकास*
विद्यालय के उप प्राचार्य मालविका डेगवेकर ने कहा कि ऐसे आयोजनों से बच्चों का मानसिक विकास होता है और वे पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ व्यवहारिक अनुभव भी प्राप्त करते हैं। विद्यालय के डायरेक्टर सुनीता सिन्हा ने कहा कि यह वानभोज बच्चों के लिए अविस्मरणीय स्मृतियों से भरा रहा ।
*यादगार बन गया आयोजन*
कार्यक्रम के अंत में सभी बच्चों को सुरक्षित रूप से विद्यालय वापस लाया गया। वनभोज से लौटते समय भी बच्चों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी। देव पब्लिक स्कूल का यह आयोजन नन्हे बच्चों के लिए सीख, आनंद और यादों से भरा एक सुंदर अनुभव बन गया।
