*बगीचा, जशपुरनगर/ जिले के बगीचा तहसील अंतर्गत _ग्राम बुटंगा और ग्राम कलिया_ के बीच मवेशियों को चराने के मुद्दे पर विवाद खड़ा हो गया है। इस मामले में *कलिया के ग्रामीणों ने* सरपंच, सचिव और पंचायत को आवेदन देकर हस्तक्षेप की मांग की है।

*क्या है पूरा मामला?*
ग्राम बुटंगा की सीमा से लगे ग्राम कलिया के पशुपालक पिछले कई वर्षों से अपने मवेशियों को बुटंगा के रास्ते से होकर जंगल क्षेत्र में चराने ले जाते रहे हैं।
लेकिन 7 जुलाई 2026 को बुटंगा गांव के कुछ लोगों सेल्बेस्टोर, हेरमोन, विकास आदि ने मवेशियों को रोक दिया और कहा कि “अब कलिया के गाय-बैल बुटंगा की जमीन में नहीं चरेंगे”
*कलिया ग्रामीणों का कहना:*
कलिया के _संतन, ब्रजलाल, कलेस्वर_ सहित अन्य ग्रामीणों ने आवेदन में लिखा है कि वर्षों से दोनों गांव के पशु इसी जंगल में चरते आ रहे हैं। अचानक रोक लगाने से पशुपालकों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
इसी संबंध में *कलिया पंचायत की ओर से बुटंगा पंचायत* को भी पत्र लिखा गया है। पत्र में कहा गया है कि अचानक रोक लगाने से दोनों गांवों के बीच तनाव की स्थिति बन रही है।
*ग्रामीणों की मांग:*
कलिया के ग्रामीणों ने प्रशासन और पंचायत से मांग की है कि मामले की जांच कर उचित निर्णय लिया जाए और पशुओं को चराने की अनुमति दिलवाई जाए, ताकि आपसी सौहार्द बना रहे।
फिलहाल मामला पंचायत स्तर पर है। कलिया के ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द हस्तक्षेप कर इस विवाद का समाधान निकालेगा।
